रिपोर्ट: हसीन अंसारी
Ghazipur: गाजीपुर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद की अदालत ने आरोपी आदिल अंसारी को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, उस पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माने की राशि का आधा हिस्सा यानी 15,000 रुपये पीड़िता को बतौर मुआवजा दिया जाएगा, ताकि उसे इस आघात से उबरने में कुछ मदद मिल सके।
मामला और जांच
यह घटना दिलदारनगर थाना क्षेत्र की है, जो 21 फरवरी 2024 को सामने आई थी। पीड़िता के परिवार की शिकायत के अनुसार, आरोपी आदिल अंसारी ने नाबालिग लड़की को शादी का झूठा वादा करके बहला-फुसलाया। आरोपी उसे गाजीपुर शहर के एक होटल में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके अगले दिन, आरोपी पीड़िता को अपने घर ले गया और वहां भी उसने इस घिनौने अपराध को दोहराया।
पीड़िता के परिजनों ने जब पूरी घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी आदिल अंसारी को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की और सभी आवश्यक सबूत जुटाने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन और अदालत की सुनवाई
न्यायालय में सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने 5 महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया। इन गवाहों की गवाही और पेश किए गए सबूतों ने अभियोजन के आरोपों को साबित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। गवाहों और सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद, न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी आदिल अंसारी को दोषी ठहराते हुए उसे 12 साल की जेल और जुर्माने की सजा दी। यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि नाबालिगों के प्रति होने वाले ऐसे अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को कठोर दंड मिलेगा। यह फैसला समाज में ऐसे अपराधों को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।