रिपोर्ट: जफर इकबाल
Ghazipur: जनपद के जमानिया नगर पालिका परिषद (Nagar Palika Parishad) के प्राथमिक विद्यालय जमानिया नम्बर 1 (Prathmik Vidyalaya Zamania No.1) में मोहनदास करमचंद गांधी (Mahatma Gandhi) की 156वीं जयंती और लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की 121वीं जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर से लेकर नगर पालिका और विभिन्न संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि अर्पण:
जमानिया नम्बर 1 के प्राथमिक विद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य पूनम मिश्रा (Poonam Mishra) ने अपने सहायक अध्यापकों के साथ किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। विद्यालय के बच्चों ने भी इन महान नेताओं के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ध्वजारोहण:
जमानिया ब्लॉक संसाधन केंद्र (Block Resource Center Zamania) पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित हुआ। झंडा फहराने के बाद अरविंद सिंह (Arvind Singh) और सहायक शिक्षकों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान शिक्षकों ने छात्रों को गांधी और शास्त्री के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग भी बताए।
नगर पालिका परिषद में आयोजन:
नगर पालिका परिषद जमानिया (Nagar Palika Parishad Zamania) में भी जयंती का आयोजन किया गया। यहां नगर पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता (Jai Prakash Gupta) और अधिशाषी अधिकारी ने ध्वजारोहण कर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर नगर पालिका के कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भागीदारी निभाई।
तहसील मुख्यालय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कार्यक्रम:
गांधी और शास्त्री जयंती के अवसर पर तहसील मुख्यालय (Tehsil Headquarters) और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (Government Girls Inter College) में भी कार्यक्रम आयोजित हुए। यहां छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने दोनों महान विभूतियों को याद करते हुए उनके विचारों पर चर्चा की।
समाज को दिया गया संदेश:
जमानिया और गाजीपुर में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश देना रहा। गांधी के अहिंसा और सत्य के सिद्धांत तथा शास्त्री के “जय जवान, जय किसान” के नारे ने देश को नई दिशा दी थी। जयंती के अवसर पर आयोजित इन आयोजनों ने लोगों को राष्ट्रसेवा और समाजहित के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

