Ghazipur: गुरुवार को पी जी कॉलेज (PG College) के शोध ग्रंथालय (Research Library) में गांधी एवं शास्त्री जयंती (Gandhi & Shastri Jayanti) के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय (Professor Dr. Raghvendra Kumar Pandey) के नेतृत्व में शिक्षकों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Former Prime Minister Lal Bahadur Shastri) के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
प्राचार्य का संदेश (Principal’s Message):
प्राचार्य डॉ. पाण्डेय ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन सादगी, स्वदेशी और स्वावलंबन का संदेश देता है। इसके साथ ही उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के “जय जवान, जय किसान” नारे की प्रासंगिकता पर ध्यान दिलाते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन और देशसेवा की भावना को याद किया। उनके शब्दों ने शिक्षकों और कर्मचारियों के मन में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना को जागृत किया।
शिक्षक और कर्मचारियों की भागीदारी (Teacher and Staff Participation):
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने गांधी और शास्त्री जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि उनके सिद्धांतों और जीवन मूल्यों का पालन निरंतर किया जाएगा। इस भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायी बना दिया और उपस्थित सभी के मन में नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता पैदा की।
ग्रंथालय की सजावट (Library Decoration):
कार्यक्रम के अवसर पर पी जी कॉलेज के शोध ग्रंथालय को गांधी और शास्त्री जी के साहित्य और चित्रों से सजाया गया। इस सजावट ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया और उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरक माहौल तैयार किया। ग्रंथालय में रखा गया साहित्य (Literature) और चित्र (Portraits) न केवल कार्यक्रम को विशेष बनाते थे, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों को जीवन मूल्यों की याद भी दिलाते थे।
समापन और प्रेरणा (Conclusion and Inspiration):
आयोजन का समापन प्राचार्य और शिक्षकों के संयुक्त धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों के मन में गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा जगाई। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि नैतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हुआ।
प्रेरणादायक अनुभव (Inspirational Experience):
उपस्थित सभी ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायी बताया। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद करते हुए, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति नयी चेतना के साथ समापन किया। इस अवसर ने सभी के लिए जीवन में सादगी और देशभक्ति को अपनाने की प्रेरणा प्रदान की।

