रिपोर्ट: जफर इकबाल
Ghazipur: जमानियां (गाजीपुर)। विजयादशमी का पर्व बुधवार को नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न स्थलों पर आयोजित रामलीला मंचन में प्रभु राम द्वारा रावण वध का दृश्य देखकर लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश आत्मसात किया। जैसे ही रावण का पुतला अग्नि की लपटों में जलने लगा, पूरा मैदान “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
दशहरा मेले में उमड़ी भीड़:
नगर में आयोजित दशहरा मेले में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और दर्शकों ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया। बच्चों के लिए झूले, खिलौनों की दुकानें, मिठाई और चाट-पकौड़े के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। महिलाएं और पुरुष पारंपरिक परिधानों में सजकर इस उत्सव का हिस्सा बने।
पूजा पंडालों में श्रद्धा का माहौल:
नगर के विभिन्न हिस्सों में सजे पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन के लिए भक्त सुबह से ही कतारों में लगे रहे। पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम:
भीड़ को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। पुलिस बल लगातार गश्त करता रहा और हर जगह निगरानी रखी गई। सुरक्षा के इन इंतजामों से लोग बिना किसी परेशानी के मेले और उत्सव का आनंद उठाते रहे।
सामाजिक एकजुटता का प्रतीक:
दशहरा का पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक भी साबित हुआ। रावण दहन के साथ यह संदेश मिला कि असत्य और अधर्म का अंत निश्चित है, और सत्य की सदैव विजय होती है।
नगर सराबोर रहा उल्लास में:
पूरा नगर देर रात तक उत्सव की उमंग और रंगों में डूबा रहा। रावण दहन के साथ-साथ मेले की चहल-पहल ने दशहरा को यादगार बना दिया। हर ओर उल्लास, उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।