रिपोर्टर: सऊद अंसारी
गाज़ीपुर (Ghazipur) में बिजली विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें सहायक लाइनमैन को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एंटी करप्शन टीम वाराणसी (Anti Corruption Team Varanasi) ने कार्रवाई करते हुए शिशवन्त कुमार उर्फ छोटू को 5 हजार रुपये लेते समय रंगेहाथ पकड़ा। यह कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल:
प्रदीप कुमार निवासी ग्राम छतमा, थाना शादियाबाद ने 23 फरवरी को एंटी करप्शन टीम वाराणसी (Anti Corruption Team Varanasi) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जेई के नाम पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज न कराने और नया विद्युत कनेक्शन दिलाने के लिए 5 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू की और आवश्यक रणनीति तैयार की।
सादात पावर हाउस पर कार्रवाई:
जांच के दौरान एंटी करप्शन टीम वाराणसी (Anti Corruption Team Varanasi) शिकायतकर्ता को साथ लेकर सादात पावर हाउस पहुंची। वहां आरोपी शिशवन्त कुमार उर्फ छोटू, निवासी गौसपुर शहर कोतवाली को कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया गया। टीम ने मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
नंदगंज थाने में दर्ज हुआ मुकदमा:
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नंदगंज थाने ले जाया गया, जहां विधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में संबंधित धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और नियमानुसार की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश:
यह कार्रवाई बिजली विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। एंटी करप्शन टीम वाराणसी (Anti Corruption Team Varanasi) की इस पहल से यह संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आगे भी इस तरह की शिकायतों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता को राहत मिल सके।
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