गाजीपुर में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी प्रशिक्षण का सफल समापन

गाजीपुर (Ghazipur) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली (Community Health Center Devkali, Ghazipur) में ए.एन.एम. (ANM, Ghazipur) का दो दिवसीय ‘हाई रिस्क प्रेग्नेंसी’ (High Risk Pregnancy, HRP) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान और प्रबंधन पर केंद्रित था।

A group of people attending a seminar or meeting in a hall, with several individuals seated at a table in the front and an audience facing them. The room is decorated with banners and posters related to health and wellness.

प्रमुख आयोजन और मार्गदर्शन:
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (BPM, Ghazipur) प्रदीप सिंह ने बताया कि यह विशेष प्रशिक्षण मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील पांडेय (Dr. Sunil Pandey, Ghazipur) के तत्वाधान में International Institute of Health Management Research (IIHMR, Delhi) के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम के लक्षणों की समय पर पहचान करना और उचित उपचार सुनिश्चित करना था।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना:
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एस. के. सरोज (Dr. S.K. Saroj, Ghazipur) ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान जोखिम मातृ मृत्यु का बड़ा कारण हैं। उन्होंने जोर दिया कि जच्चा और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए समय रहते जोखिम की पहचान आवश्यक है। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य क्षेत्र में मातृ और शिशु मृत्यु दर (MMR & IMR, Ghazipur) को न्यूनतम स्तर पर लाना है।

A meeting in a large room with attendees sitting in rows. Several people are seated at a table at the front, while a projector screen is visible. The audience consists mainly of women, with some wearing traditional attire, engaged in the session.

प्रशिक्षण की विशेषज्ञता और शिक्षा:
डॉ. शैलेन्द्र (Dr. Shailendra, Ghazipur) ने एच.आर.पी. (HRP) की बुनियादी अवधारणा और गंभीरता को विस्तार से समझाया। International Institute of Health Management Research (IIHMR, Delhi) की टीम से डॉ. इकनूर (Dr. Iqnoor, IIHMR) ने प्रतिभागियों को HRP के विशिष्ट लक्षणों और उनसे होने वाले संभावित खतरों की जानकारी दी। डॉ. विशाल यादव (Dr. Vishal Yadav, Ghazipur) ने ए.एन.एम. को HRP की सही और सटीक पहचान के व्यावहारिक तरीके बताए।

प्रतिभागियों की भागीदारी:
महेंद्र, अभिषेक, बबीता, शशिकला, उर्मिला सहित क्षेत्र की कई ए.एन.एम. और स्वास्थ्य कर्मी प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रतिभागियों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी बताया और अपनी कार्यकुशलता में सुधार की प्रतिबद्धता जताई।

प्रशिक्षण का महत्व:
यह प्रशिक्षण क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान और समय पर कार्रवाई में मदद मिलेगी।

Disclaimer:
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रिपोर्टर: सऊद अंसारी

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