गाजीपुर में युवक की हत्या कर गंगा में शव फेंकने का खुलासा, भाई-बहन गिरफ्तार

रिपोर्टर: हसीन अंसारी

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) जनपद में 13 फरवरी को गंगा नदी में मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के बवाड़े गांव (Bawade Village) के पास गंगा नदी से शव बरामद होने के बाद सामने आया था। मृतक की पहचान 34 वर्षीय मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई थी, जो 9 फरवरी से घर से लापता थे।

लापता होने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट:
मृतक के पिता ने सदर कोतवाली (Sadar Kotwali) में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार मनोहर सिंह यादव 9 फरवरी से लापता थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और एसडीआरएफ टीम व स्थानीय गोताखोरों की मदद से 13 फरवरी को गंगा नदी से शव बरामद किया गया।

एसडीआरएफ और पुलिस की कार्रवाई:
शव मिलने के बाद उसकी शिनाख्त कराई गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी सगे भाई-बहन बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई।

उधार के पैसों को लेकर विवाद:
पुलिस पूछताछ में आरोपी परीक्षित सिंह ने बताया कि मनोहर सिंह यादव उसकी बहन दीपा सिंह का कॉलेज के समय का मित्र था। दीपा सिंह मऊ (Mau) में एसबीआई बैंक (SBI Bank) में कार्यरत है। आरोप है कि लगभग एक वर्ष पूर्व मनोहर ने दीपा से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके लिए दीपा ने अपनी एफडी तोड़ी थी। आरोपियों के अनुसार रकम वापस न करने को लेकर विवाद चल रहा था।

बताया गया कि पैसे की मांग करने पर मनोहर दीपा को कथित रूप से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता था तथा बदनाम करने की धमकी देता था। इसी बात को लेकर भाई-बहन में आक्रोश उत्पन्न हुआ।

घटना की पूरी योजना:
पुलिस के अनुसार 9 फरवरी 2026 को सुबह मनोहर ने दीपा को फोन किया। शाम को रौजा तिराहे (Rauza Tiraha) से घर छोड़ने की बात कही गई। आरोपी के बयान के मुताबिक, मनोहर को गंगा नदी रेलवे पुल के नीचे सुहवल (Suhwal) की ओर बुलाया गया, जहां परीक्षित पहले से मौजूद था। वहां तीनों के बीच पैसों को लेकर बातचीत हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने मिलकर मनोहर का गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

शव को नदी में फेंकने का आरोप:
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया। आरोप है कि साक्ष्य छिपाने के प्रयास में मोटरसाइकिल के नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाई गई और हेलमेट, चाबी तथा मोबाइल फोन को नदी में फेंक दिया गया।

पुलिस की आगे की कार्रवाई:
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है।



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