Video: गाजीपुर: जमीनी विवाद को लेकर दलित भाजपा नेता की पीट पीटकर हत्या

रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा

गाजीपुर। जनपद में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय के साथ पुलिस पिटाई का मामला अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब एक दलित युवा भाजपा नेता और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की बर्बर पिटाई से मौत का मामला सामने आ गया है। इस घटना ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के दूसरे दिन तक भी नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों और समर्थकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जमानिया क्षेत्र में मिली खून से सनी लाश:
यह मामला गाजीपुर (Ghazipur) के जमानिया कोतवाली (Zamania Kotwali) क्षेत्र के टिसौरा गांव (Tisaura Village) का है। यहां भाजपा (Bharatiya Janata Party) के दलित नेता और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विश्वकर्मा राम उर्फ बाबा विश्वकर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार की अल सुबह गांव की सड़क पर उनका शव खून से लथपथ हालत में औंधे मुंह पड़ा मिला। शव के पास ही उनकी बुलेट मोटरसाइकिल भी गिरी हुई थी। इस दृश्य को देखकर गांव में दहशत फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।

परिवार और राजनीतिक पहचान:
मृतक विश्वकर्मा राम टिसौरा गांव की ग्राम प्रधान बिंदु देवी के बेटे थे और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की भूमिका भी निभा रहे थे। इसके साथ ही वह भाजपा अनुसूचित मोर्चा (BJP SC Morcha) के गाजीपुर-जमानिया मंडल (Ghazipur-Zamania Mandal) के अध्यक्ष पद पर भी कार्यरत थे। उनकी पहचान एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में थी, जिससे घटना के बाद समर्थकों में गहरा शोक और आक्रोश देखने को मिला।

भूमि विवाद को लेकर पुराना तनाव:
परिजनों के अनुसार, विश्वकर्मा राम का गांव के ही कुछ दबंगों से लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था। यह विवाद कई बार पंचायत और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका था। परिवार का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर रंजिश बढ़ती गई और अंततः साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गई। परिजनों ने यह भी कहा कि आरोपियों की ओर से पहले भी जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी थीं।

मां और बहन का आरोप:
घटना के बाद मृतक की मां बिंदु देवी और बहन ने रो-रोकर पुलिस को तहरीर सौंपी। मां ने साफ आरोप लगाया कि गांव के ही पांच दबंगों ने पहले से योजना बनाकर उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।

नामजद आरोपियों पर मुकदमा:
पुलिस ने मृतक की मां की शिकायत के आधार पर श्यामनारायण राय, राजेंद्र राय, सचितानंद राय, हिमांशु राय और मुकेश राय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, घटना के दो दिन बाद भी नामजद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

पुलिस का पक्ष और जांच:
क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की मां की तहरीर पर नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

क्षेत्र में आक्रोश और मांग:
भाजपा नेता की हत्या के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है। परिजन और समर्थक लगातार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं दिख रही है। यह घटना एक बार फिर दलित सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को केंद्र में ले आई है।

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