गाजीपुर में नाबालिग रेप-मर्डर केस में फांसी की सजा

रिपोर्ट: हसीन अंसारी

गाजीपुर (Ghazipur) की पॉक्सो विशेष कोर्ट ने नाबालिग बच्चे के साथ हुए दर्दनाक अपराध में आरोपी संजय नट को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी को 19 फरवरी 2024 को गहमर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुए नाबालिग बच्चे से रेप और हत्या के मामले में दोषी पाया गया। यह मामला गाजीपुर (Ghazipur) समाज में आक्रोश और शोक का कारण बना।

घटना का विवरण:
मामला 19 फरवरी 2024 का है, जब आरोपी संजय नट ने 8 वर्षीय नाबालिग बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए और उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने बच्चे का शव प्लास्टिक की बोरी में भरकर अपने घर के एक बक्से में छिपा दिया। मृतक बच्चे के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के घर से बच्चे का शव बरामद किया।

अदालत की सुनवाई:
मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 8 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और साक्ष्यों की जांच के बाद विशेष न्यायाधीश रामावतार प्रसाद की अदालत ने आरोपी संजय नट को दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 377, 302 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एम एवं 5 जे की उपधारा 4/6 के तहत फांसी की सजा सुनाई।

फांसी की सजा का महत्व:
गाजीपुर (Ghazipur) में यह 14 वर्षों के बाद ऐसा पहला मामला है, जिसमें किसी आरोपी को मृत्युदंड की सजा दी गई है। यह सजा गाजीपुर (Ghazipur) और आसपास के क्षेत्रों में कानून और न्याय के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करेगी।

समाज में प्रतिक्रिया:
गाजीपुर (Ghazipur) के नागरिकों और बच्चों के अभिभावकों ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। कई लोग इसे न्याय का प्रतीक मान रहे हैं और सरकार से ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

निष्कर्ष:
गाजीपुर (Ghazipur) पॉक्सो कोर्ट का यह फैसला नाबालिग बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति अदालतों की गंभीरता को दर्शाता है। ऐसे फैसले समाज में बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता द्वारा दी गई सूचना पर आधारित है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्थानीय संवादाता की है।

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