गाजियाबाद सुसाइड केस: खिड़की से तीन बहनें साथ नहीं गिर सकतीं, जांच में बड़ा खुलासा

गाजियाबाद (Ghaziabad) में तीन बहनों की मौत के मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पुलिस ने भारत सिटी सोसाइटी (Bharat City Society) के टावर बी-1 स्थित फ्लैट नंबर 907 में करीब पांच घंटे तक गहन छानबीन की। जिस कमरे से तीनों बच्चियों ने छलांग लगाई थी, उसी कमरे की खिड़की खोलकर जांच की गई। पुलिस ने खिड़की के पास प्लास्टिक का स्टूल रखकर यह परखा कि क्या दो या तीन बच्चियां एक साथ खिड़की के भीतर खड़ी हो सकती थीं।

तकनीकी जांच में सामने आया अहम तथ्य:
पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि उक्त खिड़की से एक साथ दो बच्चों का कूदना संभव नहीं है। खिड़की की चौड़ाई और ऊंचाई को देखते हुए केवल एक ही बच्ची एक समय में वहां खड़ी हो सकती थी। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस का संदेह और गहराया और चेतन कुमार (Chetan Kumar) से लंबी पूछताछ की गई।

पूछताछ में बयान आपस में नहीं जुड़े:
पूछताछ के दौरान चेतन कुमार द्वारा बताई गई पारिवारिक और वैवाहिक कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। बच्चा न होने के कारण दूसरी शादी की जो वजह उन्होंने पहले बताई थी, उसके तथ्य सही नहीं पाए गए। पुलिस अब उनके बयानों की गहनता से जांच कर रही है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि परिवार के भीतर वास्तविक हालात क्या थे।

घटना की रात क्या हुआ था:
यह घटना 3 फरवरी की रात करीब 2 बजे की है, जब भारत सिटी सोसाइटी (Bharat City Society) के टावर बी-1 की नौवीं मंजिल से तीन बच्चियां नीचे गिर गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृत बच्चियों की पहचान निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के रूप में हुई। घटना के बाद पुलिस को कमरे से एक पॉकेट डायरी मिली, जिसके आठ पन्नों में बच्चियों की मानसिक स्थिति से जुड़े संकेत मिले।

डायरी से सामने आए तथ्य:
डायरी में लिखा गया था कि तीनों बहनें कोरियन संस्कृति से प्रभावित थीं। वे कोरियन दोस्तों से बातचीत करती थीं, लेकिन उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए थे, जिससे वे काफी परेशान थीं। यह भी सामने आया कि सबसे छोटी बहन के जरिए वे अपने कोरियन दोस्तों से संपर्क में रहती थीं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बातचीत किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही थी।

परिवार की मौजूदगी और सवाल:
घटना की रात तीन कमरों वाले फ्लैट में चेतन कुमार अपनी दो पत्नियों, साली, बेटे और सबसे छोटी बेटी देबू के साथ मौजूद थे। पुलिस यह समझने की कोशिश करती रही कि बगल के कमरे में बच्चियों के इस कदम की भनक परिवार के किसी सदस्य को कैसे नहीं लगी। भारत सिटी सोसाइटी (Bharat City Society) परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रात 2.03 बजे चेतन, उनकी पत्नियां सुजाता, हीना और साली टीना नीचे जाते हुए दिखाई दिए।

शादियों और रिश्तों पर उलझन:
चेतन कुमार ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली (Delhi) के खजूरी (Khajuri) इलाके के रहने वाले हैं और 2006 में सुजाता से उनकी शादी हुई थी। 2009 तक संतान न होने पर सुजाता की सहमति से उन्होंने उनकी बहन हीना से दूसरी शादी करने की बात कही। हालांकि बाद में सामने आया कि टीना से उनकी कोर्ट मैरिज हुई थी और छोटी बेटी देबू टीना से हुई है। इन बयानों में लगातार बदलाव ने पुलिस की शंका बढ़ा दी।

आर्थिक स्थिति और कर्ज की जानकारी:
जांच में यह भी सामने आया कि चेतन कुमार चार भाइयों में से एक हैं। उनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। दिल्ली (Delhi) के खजूरी इलाके में पिता के नाम पर दो प्लॉट हैं। पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में हुए कथित दो करोड़ रुपये के नुकसान को लेकर सवाल किए। इस पर चेतन ने बताया कि उन्हें ट्रेडिंग में 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ और 10 लाख रुपये घर की जरूरतों के लिए उधार लिए गए थे।

मोबाइल फोन बेचने की बात आई सामने:
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि तीनों बच्चियों के मोबाइल फोन चेतन कुमार ने छीनकर बेच दिए थे। एक मोबाइल तीन महीने पहले और दूसरा मोबाइल करीब दस दिन पहले बेचा गया था। इसी बात को लेकर बच्चियां मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थीं।

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