रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर (Gazipur) में हाल ही में लागू हुए नए श्रम कानूनों के खिलाफ जिला मुख्यालय स्थित सरजू पांडेय पार्क (Sarju Pandey Park) में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार द्वारा लागू किए गए नए कानूनों को मजदूर और किसान विरोधी करार दिया।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विरोध:
विरोध प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के बैनर तले आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने नए श्रम कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कानूनों को मजदूरों और किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए तत्काल इसे वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों की भूमिका:
प्रदर्शन में शामिल संगठन किसानों और मजदूरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। उन्होंने कहा कि नए कानून से न केवल मजदूरों के अधिकार सीमित होंगे बल्कि किसानों को भी इसका प्रतिकूल प्रभाव झेलना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से संवाद और विचार-विमर्श के जरिए इस कानून में संशोधन करने की मांग की।
स्थानीय प्रतिक्रिया और प्रदर्शन की तीव्रता:
सरजू पांडेय पार्क में हजारों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। स्थानीय लोग और कार्यकर्ता अपने-अपने बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए जागरूकता का अभियान है।
प्रदर्शनकारियों का बाईट:
ईश्वरी प्रसाद (Ishwari Prasad), जो प्रदर्शन में शामिल थे, ने कहा, “हम नए श्रम कानूनों के खिलाफ एकजुट हैं। यह कानून मजदूर और किसानों के हितों के खिलाफ है। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी आवाज सुने और कानून में सुधार करे।”
सरकार से मांगी गई कार्रवाई:
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे भी वे बड़े पैमाने पर विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मजदूरों और किसानों की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखकर ही किसी भी कानून को लागू किया जाना चाहिए।
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