रिपोर्टर: नियाज़ी खाँन
घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत और नई व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल (Israel), अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की चर्चाओं के बीच गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर तरह-तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। इन अफवाहों के कारण आम उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि सरकार की ओर से लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी और ओटीपी के माध्यम से सिलेंडर वितरण की व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी व्यवस्था का जायजा लेने के लिए न्यूज़ इंडिया (News India) की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थिति का आकलन किया।
कीमत बढ़ने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी:
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में हाल ही में 60 रुपये की वृद्धि हुई है, जिसके बाद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे लोगों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले ही घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा था और अब गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से रसोई का खर्च और बढ़ गया है। इसके साथ ही नई ओटीपी व्यवस्था के कारण कई लोगों को सिलेंडर लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ओटीपी व्यवस्था बनी परेशानी की वजह:
नई व्यवस्था के तहत गैस एजेंसी उन्हीं उपभोक्ताओं को सिलेंडर दे रही है जिनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ रहा है। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर गैस कनेक्शन से जुड़े नहीं हैं या जिनका केवाईसी पूरा नहीं है, उन्हें सिलेंडर लेने में परेशानी हो रही है। कई लोग गैस एजेंसी तक पहुंचने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में असंतोष देखने को मिल रहा है।
भारत गैस एजेंसी पर दिखी अव्यवस्था:
बदायूं (Budaun) के उसैहत (Usahait) थाना क्षेत्र के सूर्य नगला इलाके में स्थित भारत गैस एजेंसी (Bharat Gas Agency) पर जब स्थिति का जायजा लिया गया तो वहां कई उपभोक्ता गैस लेने के लिए पहुंचे हुए थे। एजेंसी के मैनेजर से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि असली उपभोक्ताओं के लिए गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और 939.5 रुपये में सिलेंडर दिया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार द्वारा तय कीमत के अनुसार ही गैस की आपूर्ति की जा रही है।
केवाईसी और मोबाइल नंबर की समस्या:
मौके पर मौजूद कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनका केवाईसी पूरा नहीं होने के कारण उन्हें सिलेंडर नहीं दिया गया। कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि उनके गैस कार्ड में ऐसा मोबाइल नंबर दर्ज है जो उनका है ही नहीं, जिसके कारण ओटीपी उन्हें प्राप्त नहीं हो रहा। इस वजह से वे गैस लेने से वंचित रह गए। कई लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलेंडर लिए वापस लौटते दिखाई दिए।
अलग-अलग कीमतों की भी शिकायत:
कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सिलेंडर की कीमत को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। किसी से 940 रुपये लिए गए, तो किसी से 950 रुपये तक लिए जाने की बात सामने आई। वहीं कुछ लोगों ने दावा किया कि उनसे 1000 रुपये तक मांगने की बात भी कही गई। हालांकि एजेंसी की ओर से निर्धारित कीमत के अनुसार ही गैस देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं के बीच इसको लेकर असंतोष बना हुआ है।
अफवाहों से भी बढ़ी चिंता:
अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर फैल रही अफवाहों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि सरकार बार-बार यह कह रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी प्रकार की कमी नहीं होगी। इसके बावजूद उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि व्यवस्था को और सरल बनाया जाए और केवाईसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्दी किया जाए तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
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