गाजीपुर: फर्जी दस्तावेजों पर 15 साल तक की नौकरी, पकड़ में आए तो हो गई FIR

गाजीपुर (Ghazipur) जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्षों तक नौकरी करने वाले एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। टाउन नेशनल इंटर कॉलेज (Town National Inter College) में करीब 15 वर्षों तक कार्यरत रहे एक शिक्षक के प्रमाण पत्रों की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है। जांच में शैक्षिक प्रमाण पत्रों के संदिग्ध पाए जाने के बाद पहले शिक्षक की सेवा समाप्त की गई और अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी का मामला:
जानकारी के अनुसार यह मामला सैदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टाउन नेशनल इंटर कॉलेज (Town National Inter College) का है। यहां शिवाकांत पांडेय नाम के व्यक्ति पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षक के रूप में नौकरी हासिल की थी। बताया जाता है कि वह मूल रूप से वाराणसी (Varanasi) जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में रसायन विज्ञान विषय के प्रवक्ता पद पर कॉलेज में कार्यभार ग्रहण किया था और लंबे समय तक वहां कार्य करते रहे।

प्रमाण पत्रों पर संदेह के बाद हुई जांच:
कुछ समय बाद कॉलेज प्रबंधन को उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर संदेह हुआ। इसके बाद प्रबंधन की ओर से प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच कराने के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय (Gorakhpur University) को पत्र भेजा गया। विश्वविद्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर जांच की गई तो कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आई फर्जी डिग्रियों की जानकारी:
गोरखपुर विश्वविद्यालय (Gorakhpur University) द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि शिक्षक के द्वारा प्रस्तुत किए गए एमएससी रसायन विज्ञान के प्रमाण पत्र में दर्ज रोल नंबर किसी भी छात्र-छात्रा को आवंटित नहीं किया गया था। इसी तरह बीएड के प्रमाण पत्र में भी दर्ज अनुक्रमांक विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में किसी छात्र के नाम पर जारी नहीं था। बताया गया कि बीएड का अनुक्रमांक वर्ष 1994 से संबंधित था, जबकि एमएससी रसायन विज्ञान का रोल नंबर वर्ष 1996 का बताया गया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये अनुक्रमांक विश्वविद्यालय के अभिलेखों में दर्ज नहीं थे।

पुष्टि के बाद सेवा समाप्त की गई:
जांच में प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि होने के बाद वर्ष 2022 में संबंधित शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह (Prakash Singh) ने बताया कि सेवा समाप्त होने के बाद संबंधित व्यक्ति वाराणसी के किसी अन्य विद्यालय में कार्य कर रहे थे।

चेकिंग अभियान में फिर सामने आया मामला:
हाल के समय में शिक्षा विभाग द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर एक अभियान चलाया गया, जिसमें इस मामले की फिर से जांच की गई। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह (Prakash Singh) ने कॉलेज प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

प्रबंधन की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा:
इसके बाद टाउन नेशनल इंटर कॉलेज सैदपुर (Town National Inter College Saidpur) के प्रबंधक सनद कुमार (Sanad Kumar) ने सैदपुर थाना (Saidpur Police Station) में तहरीर देकर शिवाकांत पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।

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रिपोर्टर: सऊद अंसारी


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