गाजीपुर के राजनीति की भी अद्भुद दास्ताँ हैं. यहाँ की रणनीति में नयी तस्वीरें हेमशा सामने आती रहती हैं. उन तस्वीरें से नए कयास भी लगाये जाते हैं. नए संभावनाओं की जगह राजनीति के चाणक्यों की रणनीति ज्यादा मायने रखती है और इस रणनीति पर देश के दिग्गजों की निगाह भी बनी रहती है. क्योंकि ये रणनीति पूर्वांचल की राजनितिक हवा का रुख भी बयाँ करता हैं. अब वो चाहे 2019 के लोकसभा के नतीजे हों या 2022 के विधानसभा के नतीजे. सत्ता पक्ष अपनी सत्ता में यहाँ के ज्यादातर सीटों जोड़ने में कामयाब नहीं हो पाया.
अब नज़र गाजीपुर से आ रही उस बड़ी तस्वीर पर जिसने गाजीपुर की राजनीति में नयी रणनीति की संभावनाओं को जन्म दे दिया.
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में जनपद गाजीपुर के पूर्व सांसद श्री राधेमोहन सिंह जी ने शिष्टाचार भेंट की। pic.twitter.com/hLOQF8TeVn
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) December 22, 2023
ये वो तस्वीर है जिसने गाजीपुर की राजनीति में नेताओं के चिंता की एक नयी लकीर जरुर खिंच दी है, अब भले ही उन लकीरों को छिपाया जा रहा हो. ये गाजीपुर के पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह है, 2009 से 2014 तक समाजवादी पार्टी से सांसद रहे, कहा जाता है कि अपने कार्यकाल में केवल सांसद रहते हुए भी इन्होने वो कार्य किये हैं जिसकी गिनती गाजीपुर के पहले बड़े विकास कार्य के रूप में देखा जाता है, जैसे शहर के बिच में बना फ्लाईओवर और केन्द्रीय विद्यालय का कायाकल्प इत्यादि, इसके पहले वो जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उत्तर प्रदेश के माने जाने स्टेडियम, जिसने कई सारे ओलोम्पिक के खिलाडी दिए यानि मेघबरन सिंह स्टेडियम, करमपुर के संचालक भी हैं. अभी हाल ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, इस स्टेडियम को बड़ा तोहफ़ा भी दिया है.

राधे मोहन सिंह ने ने वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी के कार्य प्रणाली से नाराज़ होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद वह किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए। लेकिन, उनकी नजदीकियां सत्ताधारी दल की ओर इन दिनों बढ़ी हैं और योगी आदित्यनाथ के काफी करीब भी आ गये हैं. ये दुसरे मुलाकात की तस्वीर है, इस मुलाकात की तस्वीर भी मुख्यमंत्री कार्यालय से ट्वीट की गई है, जिसे लेकर सियासी गलियारे में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।