रिपोर्ट: हिमांशु तिवारी
Eath: एटा शहर के अलीगंज रोड स्थित मंडी समिति (Mandi Samiti) में देर रात अफरा-तफरी मच गई जब अचानक शॉर्ट सर्किट से दो दुकानों में भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने लगी। मौके पर मौजूद लोग घबराकर अपनी-अपनी दुकानें बचाने में जुट गए, जिससे पूरे मंडी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अचानक लगी आग से मचा हड़कंप:
जानकारी के अनुसार आग मंडी समिति परिसर में स्थित शराफत अली और लियाकत अली की सब्जी की दुकानों में लगी थी। देर रात करीब 11 बजे जैसे ही आग की लपटें उठीं, पूरा इलाका धुएं से भर गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई:
सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस (Kotwali Nagar Police) और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों और फायर ब्रिगेड टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
दुकानों में रखा सामान जलकर खाक:
आग लगने से दोनों दुकानों में रखी हजारों रुपये की सब्जियां, बांस की टोकनियाँ और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई दुकानों के बाहर रखे सामान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद व्यापारियों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
व्यापारियों में दहशत और नाराजगी:
इस घटना से मंडी समिति के व्यापारियों में काफी दहशत फैल गई है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी परिसर में बिजली व्यवस्था काफी लचर है और आए दिन तारों में स्पार्किंग होती रहती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था की नियमित जांच की जाए और मंडी में फायर सेफ्टी (Fire Safety) उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन ने शुरू की जांच:
फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, लेकिन अन्य संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा:
स्थानीय लोगों की तत्परता और सहयोग से बड़ा हादसा होने से टल गया। अगर आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो पूरा मंडी परिसर इसकी चपेट में आ सकता था। लोगों ने बताया कि यदि मंडी समिति में पहले से फायर सेफ्टी उपकरण लगे होते, तो आग को फैलने से रोका जा सकता था।
एटा (Etah) की इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और फायर सेफ्टी के अभाव को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर कब तक अमल करता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एटा मंडी में देर रात भीषण आग, दो दुकानें जलकर राख

