लखनऊ में प्रदेश के सरकारी संस्थान में पहुँची पहली डिजिटल PET-CT स्कैनर मशीन

रिपोर्टर: अनुज कुमार

लखनऊ स्थित कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (Kalyan Singh Super Specialty Cancer Institute) ने कैंसर निदान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में उत्तर प्रदेश के सरकारी संस्थानों की पहली अत्याधुनिक डिजिटल PET-CT स्कैनर मशीन पहुंच चुकी है। इस नई सुविधा के शुरू होने से कैंसर की बेहद शुरुआती अवस्था में सटीक पहचान, रोग की स्टेज तय करने और उपचार की प्रभावशीलता के आकलन में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। अत्याधुनिक डिजिटल PET-CT स्कैनर की अनुमानित लागत करीब 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो इसे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनाती है।

एक निर्माण स्थल पर एक क्रेन द्वारा डिजिटल PET-CT स्कैनर की महत्त्वपूर्ण मशीन को एक ट्रक से उतारा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे में बड़ी उपलब्धि:
डिजिटल PET-CT स्कैनर के आगमन के साथ ही कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी कैंसर संस्थान में इस स्तर की आधुनिक तकनीक उपलब्ध हुई है। इससे पहले ऐसी सुविधाएं मुख्य रूप से निजी या चुनिंदा संस्थानों तक सीमित थीं, लेकिन अब सरकारी क्षेत्र में भी मरीजों को विश्वस्तरीय जांच सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

डिजिटल PET-CT तकनीक की खासियत:
डिजिटल PET-CT स्कैनर नवीन डिजिटल डिटेक्टर तकनीक पर आधारित है, जो पारंपरिक PET-CT मशीनों की तुलना में कहीं अधिक उन्नत मानी जाती है। इस तकनीक से बेहतर रेज़ोल्यूशन, अधिक संवेदनशीलता और कम नॉइज़ के साथ उच्च गुणवत्ता की इमेज प्राप्त होती है। इसके माध्यम से शरीर के भीतर कैंसर कोशिकाओं की गतिविधि को अधिक स्पष्ट और सटीक रूप से देखा जा सकता है, जिससे चिकित्सकों को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।

प्रारंभिक स्तर पर कैंसर की सटीक पहचान संभव:
इस अत्याधुनिक मशीन के उपयोग से कैंसर की पहचान अत्यंत प्रारंभिक अवस्था में संभव हो सकेगी। शुरुआती स्तर पर रोग की पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी होता है और मरीजों की जीवन प्रत्याशा भी बढ़ती है। डिजिटल PET-CT स्कैनर कैंसर के स्टेज निर्धारण में भी अहम भूमिका निभाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी किस स्तर पर है और किस प्रकार का उपचार उपयुक्त रहेगा।

विभिन्न कैंसर के निदान में मिलेगी सहायता:
संस्थान के निदेशक प्रो. एम.एल.बी. भट्ट जी के अनुसार, डिजिटल PET-CT स्कैनर ब्रेन, लंग, ब्रेस्ट, हेड-एंड-नेक, लिम्फोमा सहित कई प्रकार के कैंसर के निदान और उपचार योजना में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यह मशीन ट्यूमर की मेटाबॉलिक गतिविधि को बेहद सटीकता के साथ दर्शाती है, जिससे प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत और प्रभावी उपचार रणनीति तैयार की जा सकेगी।

उपचार की प्रतिक्रिया का बेहतर मूल्यांकन:
वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि इस डिजिटल PET-CT स्कैनर की मदद से कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के प्रति मरीज की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन अधिक विश्वसनीय तरीके से किया जा सकेगा। उपचार के दौरान और बाद में स्कैन के माध्यम से यह आकलन किया जा सकता है कि दवाएं और थेरेपी कितनी कारगर साबित हो रही हैं, जिससे समय पर उपचार योजना में आवश्यक बदलाव संभव हो सकेंगे।

स्थापना के बाद जल्द शुरू होगी सेवा:
संस्थान प्रशासन के अनुसार, मशीन की स्थापना और परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे शीघ्र ही मरीजों की सेवा के लिए शुरू किया जाएगा। तकनीकी परीक्षण और आवश्यक मानकों की पुष्टि के बाद डिजिटल PET-CT स्कैनर को नियमित जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकें।

लखनऊ और आसपास के मरीजों को बड़ी राहत:
इस सुविधा के शुरू होने से लखनऊ और आसपास के जिलों के कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्नत PET-CT जांच के लिए लंबी प्रतीक्षा या दूर-दराज के निजी संस्थानों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। समय पर और सटीक जांच उपलब्ध होने से इलाज में देरी कम होगी और मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकेंगे।

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में इजाफा:
डिजिटल PET-CT स्कैनर की उपलब्धता से न केवल कैंसर निदान की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। यह कदम राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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