लखनऊ (Lucknow)। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीजीपी (DGP) ने रिश्वतखोरी के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उन वीडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिनमें कई पुलिसकर्मी रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे थे।
वायरल वीडियो से खुली भ्रष्टाचार की पोल:
हाल ही में सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें विभिन्न जिलों के पुलिसकर्मी रिश्वत लेते नजर आए। इन वीडियो ने पूरे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी (DGP) ने तत्काल जांच के आदेश दिए और जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की।
11 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए:
डीजीपी (DGP) के निर्देश पर कुल 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें चित्रकूट (Chitrakoot) जिले के तीन थाना प्रभारी, एक दरोगा और तीन आरक्षी शामिल हैं। इसके अलावा बांदा (Banda) जिले के एक थाना प्रभारी और एक आरक्षी तथा कौशाम्बी (Kaushambi) जिले के एक दरोगा और एक आरक्षी पर भी कार्रवाई की गई है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति:
डीजीपी (DGP) ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सख्त नजर रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें।
पुलिस विभाग की छवि सुधारने की कोशिश:
यह कदम पुलिस विभाग (Police Department) की साख बहाल करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि पारदर्शी व्यवस्था बनाना विभाग की प्राथमिकता है और जनता का विश्वास कायम रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस बल में ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी ही विभाग की रीढ़ हैं।
#tag: #DGPUttarPradesh #UPPolice #CorruptionCase #PoliceSuspension
डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है