तस्वीरों में देखिए काशी की देव दीपावाली…

काशी में देव दीपावली पर जगमगाई आस्था की रोशनी

देव दीपावली (Dev Deepawali) के पावन अवसर पर काशी (Kashi) एक बार फिर प्रकाश की नगरी बन गई। गंगा (Ganga) के 84 घाटों पर लाखों दीपों की लौ ने ऐसा दृश्य रचा कि हर कोई इस नजारे में खो गया। श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा आरती की गूंज और दीपों की झिलमिलाहट ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। गंगा तट पर रोशनी, भक्ति और भावनाओं का ऐसा संगम बना जो हर किसी के हृदय को छू गया।

काशी में देव दीपावली के अवसर पर रात का दृश्य, जहां लाखों श्रद्धालु एकत्रित हैं, घाटों पर दीपों की रोशनी और रंग-बिरंगी लाईटों से भरी हुई एक जीवंत स्थिति।

गंगा घाटों पर दीपों का सागर:
वाराणसी (Varanasi) के 84 घाटों पर सजे लाखों दीपों ने मानो धरती पर स्वर्ग का दृश्य उतार दिया। गंगा के तट पर हर ओर दीपों की श्रृंखला चमक रही थी। श्रद्धालु अपने परिवार के साथ गंगा में दीप प्रवाहित कर पुण्य अर्जित कर रहे थे। हवा में गूंजते भजनों और शंखनाद ने इस अलौकिक शाम को और भी दिव्य बना दिया।

दशाश्वमेध घाट का अद्भुत दृश्य:
दशाश्वमेध घाट (Dashashwamedh Ghat) पर सजी गंगा आरती ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आरती की लौ जब गंगा की लहरों से मिलती, तो सुनहरी रोशनी चारों ओर फैल जाती। घाट की सीढ़ियों पर जलते दीपों की कतारें आस्था का ऐसा प्रतीक बनीं जो हर भक्त के मन को शांति से भर गईं।

काशी में देव दीपावली के दौरान रात में जलते दीपों और रोशनी से भरे गंगा घाटों का दृश्य।

अस्सी घाट पर ‘हर हर महादेव’ की झलक:
अस्सी घाट (Assi Ghat) पर दीपों से बना ‘हर हर महादेव’ का दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। हजारों दीपों से सजे इस घाट ने भगवान शिव की नगरी काशी की पहचान को और भी गहरा कर दिया। हर चेहरे पर भक्ति और आनंद की मुस्कान थी, मानो साक्षात शिव की ऊर्जा वहां व्याप्त हो।

केदार घाट पर तैरते दीपों का नजारा:
केदार घाट (Kedar Ghat) से जब गंगा की लहरों पर दीप तैरने लगे, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो जल पर आकाश के सितारे उतर आए हों। गंगा की लहरों पर तैरते ये दीप श्रद्धालुओं की आस्था और उनकी भावनाओं का जीवंत प्रतीक बने। हर दीप एक इच्छा, एक प्रार्थना और एक विश्वास को संजोए बह रहा था।

लेजर शो और आतिशबाजी से सजी काशी:
इस बार देव दीपावली में गंगा आरती के साथ लेजर शो और भव्य आतिशबाजी का भी आयोजन हुआ। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी और गंगा तट पर जलते दीपों की आभा ने मिलकर एक अलौकिक दृश्य रचा। यह पल काशी के इतिहास और संस्कृति की दिव्यता का प्रतीक बन गया।

काशी में देव दीपावली के दौरान रात में जगमगाती रोशनी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ का दृश्य।

श्रद्धालुओं का सैलाब:
देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी बने। घाटों पर उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि काशी में देव दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और भारतीय परंपरा का जीवंत उत्सव है।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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