देवरिया (Deoria) जनपद के बरहज (Barhaj) क्षेत्र में चकनाली विवाद के दौरान अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह (Bijendra Singh) की मौत के मामले में जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। घटना के बाद पुलिस ने पांच नामजद और सात-आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे परिजनों और अधिवक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है।

फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण:
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) को जांच के लिए बुलाया गया। टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पूरे क्षेत्र की वीडियोग्राफी कराई। इस दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई। फॉरेंसिक टीम के गांव पहुंचने पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और सभी में घटना को लेकर उत्सुकता देखी गई।
सड़क निर्माण विवाद बना हादसे की वजह:
स्थानीय लोगों के अनुसार चकनाली पर कराए जा रहे सड़क निर्माण को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था, जो बाद में गंभीर रूप ले बैठा। इसी विवाद के दौरान अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह (Bijendra Singh) की मौत हो गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ चकनाली क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। हालांकि टीम ने मीडिया या ग्रामीणों को किसी प्रकार की जानकारी देने से इनकार किया।
परिजनों में नाराजगी, गिरफ्तारी की मांग:
मृतक अधिवक्ता के परिजन सिद्धार्थ सिंह (Siddharth Singh) और प्रशांत सिंह (Prashant Singh) ने अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि घटना के बाद भी पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
पुलिस का बयान और कार्रवाई:
थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय (Vishal Kumar Upadhyay) ने बताया कि मामले की विवेचना के तहत फॉरेंसिक जांच कराई गई है। पुलिस द्वारा आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी:
इस मामले को लेकर तहसील बार संघ (Tehsil Bar Association) के अधिवक्ता लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पांचवें दिन भी अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि न्याय मिलने में हो रही देरी अस्वीकार्य है और प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
नेतृत्व में तेज हुआ आंदोलन:
तहसील बार संघ (Tehsil Bar Association) के अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव (Chandragupta Yadav) और महामंत्री अमरेश यादव (Amresh Yadav) के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। उन्होंने प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
न्याय की मांग को लेकर बढ़ता दबाव:
अधिवक्ताओं का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध कृत्यों की जांच और आवश्यक कानूनी कदम उठाने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं में एकजुटता देखी जा रही है और सभी न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
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रिपोर्टर: गुड़िया मद्धेशिया

