टीकाकरण प्रबंधन व रख-रखाव के लिए कोल्ड चैन हैंडलर को किया प्रशिक्षित

गाजीपुर। कोविड टीकाकरण और नियमित टीकाकरण के रख-रखाव व प्रबंधन के लिए कोल्ड चैन की जिम्मेदारी होती है। जिसकी देखरेख कोल्ड चैन हैंडलर द्वारा की जाती है। इसके लिए उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसी क्रम में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के प्रशिक्षण भवन में दो दिवसीय कोल्ड चैन हैंडलर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद ने किया। कार्यशाला में कोल्ड चैन हैंडलर और अटेंडेंट को यूएनडीपी, ई-विन, को-विन और चाई के प्रतिनिधि द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि कोल्ड चैन पॉइंट के रख-रखाव एवं वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने एवं उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। जिसमें सभी ब्लॉकों से कोल्ड चैन हैंडलर और एक अटेंडेंट्स को बुलाया गया है। सभी लोगों को आपात स्थिति में कैसे कोल्ड चैन को और उसमें रखे वैक्सीन को सुरक्षित रखा जा सकता है, के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया।

यूएनडीपी के वैक्सीन कोल्ड चैन मैनेजर प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि कार्यशाला में रीजनल ऑफिसर डॉ आशुतोष मिश्रा ने आए हुए कोल्ड चैन हैंडलर्स को वैक्सीन के रख-रखाव के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यशाला में आए हुए स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया यथा –
1. किसी भी शीत-श्रृंखला उपकरणों को साफ, हवादार कमरे में, जहां सीधे धूप नही आ रही है, ऐसे स्‍थान पर रखना चाहिए।
2. कम से कम 15 से 20 सेमी की खुली जगह चारों तरफ रहनी चाहिए, जिससे चारो तरफ हवा का प्रवाह बना रहे।
3. बिना वोल्‍टेज स्‍टेब्‍लाइजर के किसी भी शीत-श्रृंखला को चालू नही करना चाहिए।
4. बिजली का प्‍लग उपकरण के पास ही लगा हो ओर कही भी तार, पिन अथवा सर्किट, ढीला न हो अन्‍यथा शोर्ट सर्किट होकर आग लग सकती है।
5. उपकरणो को हमेशा समतल जगह पर रखने चाहिए, जिससे कू‍लिंग गैस का प्रवाह सुचारू रूप से हो  हो सके तो एक लकडी के तख्‍ते पर उपकरण को रखे, जिससे फर्श की नमी उपकरण को नुकसान न पहुंचायें।
6. दिन मे कम से कम दो बार तापमान रिकार्ड करे यदि तापमान कम अथवा ज्‍यादा हो तो थर्मोस्‍टेट से सेट करे।
7. सप्‍ताह मे एक बार उपकरण के ढक्‍कन का खोलकर उसकी सीलन को साफ करे ओर देखे कि दीवारों मे बर्फ की परत 1 सेमी से ज्‍यादा मोटी तो नही है। यदि मोटी परत पायी जाये तो रेफ्रिजरेटर / डीप फ्रिज को डी-फास्‍ट करे ।
8. माह में एक बार कम्‍प्रेसर के कवर को खोलकर ब्रुश से साफ करें एंव उसके फाउण्‍डेशन बोल्‍ट को चैक करें ।
9. यदि उपकरण मे कोई अतिरिक्‍त आवाज आती है तो तुरन्‍त उपकरण को बन्‍द कर दे और रेफ्रिजरेटर मैकेनिक को सूचित करें।
आज के वर्कशॉप में डॉक्टर के के वर्मा डॉक्टर डीपी सिन्हा डॉक्टर एसडी वर्मा, चाई के मणिशंकर और यूनिसेफ अजय उपाध्याय सहित तमाम लोग मौजूद रहे

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