अवैध कफ सिरप कारोबार से जुड़े चर्चित मामले में एक बार फिर बड़ा मोड़ सामने आया है। अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल को लेकर अब तक यह चर्चा थी कि वह विदेश में छिपा है, लेकिन ताजा सूचनाएं इस ओर इशारा कर रही हैं कि उसका ठिकाना देश के भीतर ही है। पुलिस की तलाश जारी है, वहीं सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी और गतिविधियों ने मामले को और अधिक चर्चाओं में ला दिया है।
दुबई नहीं, नई दिल्ली में छिपा शुभम: सूत्रों के आधार पर एक दैनिक समाचार पत्र ने खबर प्रकाशित की है कि, कफ सिरप के अवैध कारोबार और शैली ट्रेडर्स (Stylee Traders) से जुड़े शुभम जायसवाल इस समय दुबई में नहीं बल्कि नई दिल्ली (New Delhi) में छिपा हुआ है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी हैं, लेकिन शुरुआती जांच में दिशा भटकाने वाली जानकारियां भी सामने आईं। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली से चंडीगढ़ (Chandigarh) और हिमाचल (Himachal) की ओर भी गया था, लेकिन बीते करीब दस दिनों से वह दिल्ली में ही रह रहा है।

कोर्ट में सरेंडर की तैयारी: मीडिया के अनुसार विभागीय सूत्रों का कहना है कि शुभम जायसवाल एक बड़े अधिवक्ता के संपर्क में है और चार से पांच दिनों के भीतर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहा है। वह किस अदालत में सरेंडर करेगा, इसे लेकर भी चर्चाएं हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि लखनऊ (Lucknow) या प्रयागराज (Prayagraj) कोर्ट में वह सरेंडर कर सकता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि पूर्वांचल के एक बड़े नेता से उसके संपर्क की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है।
सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ी हलचल: शुक्रवार को शुभम जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह ब्लैक हुडी पहने नजर आया। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वीडियो में दिख रहे हालात दुबई के मौसम से मेल नहीं खाते। माना जा रहा है कि वीडियो नई दिल्ली में किसी परिचित के ठिकाने से बनाया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दुबई में छिपे होने की अफवाह जानबूझकर फैलाई गई, ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
गलत दिशा में बढ़ी जांच की आशंका: कमिश्नरेट पुलिस (Commissionerate Police) की एसआईटी शुरुआती तौर पर विदेश को केंद्र में रखकर तफ्तीश कर रही थी और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही थी। अब नई जानकारियों के बाद जांच की दिशा पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि गलत सूचना के चलते पुलिस की ऊर्जा और समय व्यर्थ हुआ।
कई जिलों की पुलिस को तलाश: शुभम जायसवाल की तलाश सिर्फ वाराणसी (Varanasi) तक सीमित नहीं है। सोनभद्र (Sonbhadra), गाजीपुर (Ghazipur), जौनपुर (Jaunpur), चंदौली (Chandauli) और वाराणसी के अलावा गाजियाबाद (Ghaziabad) के नंदग्राम थाने की पुलिस भी उसकी तलाश कर रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी होने के बाद से उसके करीबी लोगों और कुछ अधिकारियों में भी बेचैनी देखी जा रही है। इस बात को लेकर चर्चाएं हैं कि उसका अगला कदम क्या होगा और किस दिशा में मामले को मोड़ेगा।
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सक्रियता: फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शुभम जायसवाल के नाम से गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। कुछ पोस्ट और वीडियो साझा किए गए हैं। हालांकि यह भी जांच का विषय है कि यह अकाउंट स्वयं शुभम चला रहा है या उसका कोई करीबी। कमिश्नरेट की सोशल मीडिया और साइबर सेल इस पहलू की गहन जांच कर रही है।
गोदाम मालिक और अन्य आरोपी अब भी बाहर: 19 नवंबर को रोहनिया (Rohaniya) स्थित एक गोदाम से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की कफ सिरप फेंसाडिल (Phensedyl) बरामद की गई थी। इस मामले में गोदाम मालिक महेश कुमार की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। मौके से केयर टेकर आजाद जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी है। पुलिस के अनुसार, गोदाम से कफ सिरप की खेप चंदौली की सिंह मेडिकोज (Singh Medicos) को भेजी जानी थी, लेकिन इस फर्म के मालिक की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
फर्मों पर कार्रवाई ठप: गोदाम से 18600 शीशी एक्सपायरी डेट की कफ सिरप बरामद हुई थी। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की ओर से कोतवाली में कुल 40 फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। एनडीपीएस और धोखाधड़ी की धाराएं भी जोड़ी गईं, लेकिन अब तक किसी फर्म के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस टीम द्वारा खोजवां (Khojwan), सप्तसागर (Saptasagar), लंका (Lanka) और मैदागिन (Maidagin) क्षेत्रों के दवा कारोबारियों से पूछताछ की जा रही है, हालांकि प्रभावशाली लोगों के फोन आने के बाद कई को दस्तावेज जांच कर छोड़ दिया गया।
ईडी की सक्रियता और जांच: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने धनशोधन मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद वाराणसी में डेरा डाल रखा है। ईडी की टीम शुभम जायसवाल के करीबियों और संभावित निवेशों की गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। महमूरगंज (Mahmoorganj) में करीब 40 करोड़ रुपये की जमीन खरीदने की सूचना के बाद टीम सतर्क हुई, हालांकि जांच में जमीन किसी अन्य के नाम पाई गई। इसके अलावा फ्लैट, जमीन, कॉम्पलेक्स और होटल में साझेदारी से जुड़े निवेश की भी पड़ताल जारी है।
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