मऊ (Mau) जनपद में आयोजित जिला सहकारी बैंक (District Cooperative Bank) के चतुर्थ वार्षिक अधिवेशन में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा (A.K. Sharma) ने भाग लेते हुए सहकारिता के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहकारिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए भरोसा, पारदर्शिता और सहयोग को इसकी सफलता की कुंजी बताया।

सहकारिता आंदोलन पर दिया जोर:
अधिवेशन के दौरान ए.के. शर्मा (A.K. Sharma) ने कहा कि सहकारिता एक ऐसा माध्यम है, जो समाज के हर वर्ग को जोड़कर आर्थिक उन्नति का रास्ता तैयार करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) द्वारा सहकारिता क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
बनास डेयरी मॉडल का किया जिक्र:
मंत्री ने आनंद (Anand, Gujarat) की बनास अमूल डेयरी (Banas Amul Dairy) का उदाहरण देते हुए बताया कि सहकारिता के जरिए किस तरह एक क्षेत्र आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल (Purvanchal) में भी इसी तर्ज पर बनास डेयरी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

घोसी चीनी मिल को लेकर स्पष्ट संदेश:
ए.के. शर्मा (A.K. Sharma) ने घोसी चीनी मिल (Ghosi Sugar Mill) के संदर्भ में स्पष्ट कहा कि इस मिल का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके आधुनिकीकरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से फंड की मांग की गई है, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही आवश्यक कार्य शुरू किए जाएंगे।
विकास विरोधी राजनीति से सतर्क रहने की अपील:
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कुछ लोगों द्वारा विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिशों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व समाज में भ्रम फैलाकर विकास की गति को रोकने का प्रयास करते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसी नकारात्मक राजनीति से दूर रहें और विकास के कार्यों में सहयोग करें।
मऊ के विकास पर जताया भरोसा:
मंत्री ने कहा कि मऊ (Mau) तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और इसे कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बताया कि टी-सीरीज (T-Series) द्वारा मऊ महादेव (Mau Mahadev) पर शूटिंग के लिए किया गया अनुरोध क्षेत्र के लिए गौरव की बात है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सहकारी बैंकों की प्रगति पर जानकारी:
कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के जिलाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी (Akhilesh Tripathi) ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि मऊ का सहकारी बैंक, जो पहले घाटे में था, अब लाभ में आ गया है और इस वित्तीय वर्ष में लगभग 50 लाख रुपये का लाभ होने की संभावना है।
स्थानीय भागीदारी से मिलेगा और बल:
इस अधिवेशन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सहकारी समितियों के सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास और सहभागिता से सहकारिता को और मजबूत बनाया जा सकता है।
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