यूपी (UP) में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए (UP STF) को एक और अहम सफलता हाथ लगी है। इस हाई-प्रोफाइल तस्करी नेटवर्क से जुड़े शुभम जायसवाल के सबसे करीबी सहयोगी विकास सिंह नरवे को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीएफ काफी समय से उसकी तलाश में जुटी थी और अब गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह गिरफ्तारी तस्करी की जड़ों तक पहुंचने में अहम साबित होगी।
लंबे समय से एसटीएफ की रडार पर था आरोपी:
विकास सिंह नरवे काफी समय से (UP STF) की निगरानी में था। कोडीन कफ सिरप की तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क के सामने आने के बाद उसकी भूमिका को लेकर एजेंसियों को अहम सुराग मिले थे। तकनीकी सर्विलांस और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की गई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी पूरी तैयारी और सटीक रणनीति के तहत की गई।
शुभम जायसवाल और बड़े तस्करों के बीच अहम कड़ी:
जांच में यह बात सामने आई है कि विकास सिंह नरवे ही शुभम जायसवाल को इस नेटवर्क के बड़े चेहरों अमित टाटा और आलोक सिंह से मिलवाने वाला मुख्य कनेक्शन था। एसटीएफ के अनुसार, इसी संपर्क के जरिए कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई और तस्करी का दायरा लगातार बढ़ता गया। विकास की भूमिका केवल पहचान कराने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह नेटवर्क के संचालन, सप्लाई मैनेजमेंट और समन्वय में भी सक्रिय रहा।
नेटवर्क संचालन में निभाई अहम भूमिका:
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, विकास सिंह नरवे पूरे तस्करी नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। वह सप्लाई चेन को मजबूत करने, अलग-अलग जिलों में डिस्ट्रीब्यूशन और सुरक्षित डिलीवरी की योजना बनाने में शामिल था। इसी वजह से वह लंबे समय तक एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहा। अब उसकी गिरफ्तारी से नेटवर्क के काम करने के तरीके पर रोशनी पड़ने की उम्मीद है।
कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले:
विकास सिंह नरवे का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। एसटीएफ के अनुसार, उसके खिलाफ (Azamgarh), (Jaunpur) और (Varanasi) सहित कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में अवैध तस्करी, आपराधिक साजिश और संगठित नेटवर्क संचालन से जुड़े आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि एजेंसियां उसे लंबे समय से हाई-रिस्क आरोपी मानकर चल रही थीं।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे:
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। उसके संपर्कों, सप्लाई चैन और आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई नए नाम सामने आ सकते हैं, जो इस तस्करी नेटवर्क से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।
तस्करी नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद:
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी लंबे समय से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस नेटवर्क की जड़ें कई जिलों तक फैली होने की आशंका जताई जा रही है। एसटीएफ का मानना है कि विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क की संरचना, काम करने के तरीके और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
कानूनी कार्रवाई के दायरे में मामला:
एसटीएफ अधिकारियों ने साफ किया है कि पूरे मामले में कानून के दायरे में रहते हुए कार्रवाई की जा रही है। सभी आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और आगे की कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया के तहत होगी। एजेंसियों का फोकस तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने पर है।
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