महापुरुषों का सम्मान न करने वाले कौम के लिए कोई जगह नहींः मुख्यमंत्री

कानपुर/लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार महापुरुषों के सम्मान और गौरव को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। जो व्यक्ति और कौम महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान नहीं कर सकता, उसके लिए कोई जगह नहीं है। जिन्होंने भारत की आस्था पर प्रहार किया, सनातन संस्कृति को रौंदा, बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ की। जिन्हें भारत-भारतीयता से नफरत थी और जो आक्रांता बनकर देश की आस्था को कुचल रहे थे, वे भारत के लिए कभी आदर्श नहीं हो सकते।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बिठूर महोत्सव में पहुंचे। वीर शिरोमणि नानाजी राव पेशवा को समर्पित महोत्सव में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत कानपुर के 1302 उद्यमियों को 5.42 करोड़ का ऋण वितरण, नवनियुक्त 329 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र तथा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 127 लाभार्थियों को 6.35 करोड़ सहायता राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन तथा कवि साहिर योगेश की पुस्तक ‘हम करें राष्ट्र आराधन’ व मोहन जी द्वारा चरित ‘रण धुरंधर नाना साहब पेशवा’ का विमोचन किया। सीएम ने महाराष्ट्र से नानाराव पेशवा की जयंती मनाने बिठूर आए लोगों का स्वागत भी किया।

विदेशी आक्रांताओं को आदर्श मानने वालों की आंख खोलने वाला है इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्रांताओं को आदर्श मानने वालों को तनिक भी शर्म महसूस होती है तो इन्हें गणतंत्र दिवस परेड पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के बयान ( हमारा डीएनए कभी जांचा जाएगा तो यह भारतीय निकलेगा) का स्मरण करना चाहिए। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बाहुल्य देश है। उनका बयान भारत के अंदर विदेशी आक्रांताओं को आदर्श मानने वालों की आंखों को खोलने वाला है। उम्मीद है कि इस बयान के बाद वे लोग भी छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह आदि महान क्रांतिकारियों के बारे में श्रद्धा का भाव रखते हुए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनाने में योगदान देंगे।

सीएम ने बिठूर की गाथा का किया वर्णन
मुख्यमंत्री ने नानाराव पेशवा की पावन जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि बिठूर प्राचीन काल से ही भारत की आध्यात्मिक धरोहर की प्रतीक रही है। ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना-अपने तप के लिए बिठूर की भूमि का चयन किया था। लव-कुश का लालन-पालन महर्षि वाल्मीकि के सानिध्य में इसी क्षेत्र में हुआ था। ध्रुवटीला बिठूर में है। मां गंगा के सानिध्य में बसी बिठूर नगरी कानपुर की आत्मा है। नाना जी पेशवा ने इसी धरती को केंद्र बनाकर 1857 की व्यूह रचना की थी। यहां रानी लक्ष्मीबाई ने तीरंदाजी, घुड़सवारी, युद्धकला के गुर इसी धऱती से सीखे थे। यह भूमि क्रांतिकारियों की नई प्रेरणा स्थली बनी थी। बिठूर, छत्रपति शिवाजी, नाना राव पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई व तात्या टोपे के नाम पर हर भारतीयों की धमनियों में राष्ट्रभक्ति के रक्त का संचार होता है और हर भारतीय गौरव के साथ इन महापुरुषों का स्मरण करता है। बिठूर आज भी शौर्य व पराक्रम के लिए जानी जा रही है। रानी लक्ष्मीबाई भी हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई। सीएम ने कहा कि आज ही भारत मां के वीर सपूत और युवाओं के प्रेरणास्रोत सरदार भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु का बलिदान दिवस भी है। इनके जीवन का लक्ष्य देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त करना था। सीएम ने डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें भी याद किया।

पीएम मोदी ने फिर से भारतवासियों को दी अविरल-निर्मल गंगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने व्यवस्था की थी, लेकिन यह आयोजन तब तक सफलता तक नहीं पहुंच सकता था, जब तक गंगा अविरल-निर्मल नहीं होती। 2019 के पहले सीसामऊ में गंगा नदी में प्रतिदिन चार करोड़ लीटर सीवर गिरता था, लेकिन आज वहां का सीवर प्वाइंटर सेल्फी प्वाइंट हो गया। अविरल-निर्मल गंगा के बिना कुंभ की सफलता पर प्रश्न खड़े हो गए होते। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से भारतवासियों को पुनः निर्मल-अविरल गंगा दी। 1986 में गंगा एक्शन प्लान बना, लेकिन 2014 आते-आते गंगा पहले से अधिक प्रदूषित हो गईं। इससे जलीय जीव नष्ट हो गए थे। महाकुम्भ की सफलता नमामि गंगे की सफलता को प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी ने 2014 में गंगा मैया के लिए जो सपना देखा था, महाकुम्भ की सफलता उसके साथ जुड़कर और नई ऊंचाइयों तक पहुंची है। अब गंगा नदी में फिर से जलीय जीव (डॉल्फिन) दिख रहे हैं।

भारत के प्रति नफरत रखने वालों ने कानपुर को वीरान कर दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी देश का मानचेस्टर कहा जाने वाला कानपुर टेक्सटाइल्स उद्यम के लिए माना जाता था, लेकिन जिनके मन में भारत और भारतीयता के प्रति नफरत थी, उन्होंने कानपुर की उद्यमिता को भी नष्ट करके रख दिया। यहां उद्योग बंद कर दिए गए, बेरोजगारी छाने लगी। जिस कानपुर की गिनती कभी देश के चार नगरों में होती थी, वह विरान सा हो गया। इसे कनेक्टिविटी से वंचित कर दिया गया। मां गंगा को प्रदूषित किया गया, एयरपोर्ट-उद्योग बंद हो गया। हर जगह लाचारी हो गई। जब कानपुर के साथ यह हो सकता है तो इन लोगों ने देश के साथ क्या नहीं किया होगा। अंग्रेज चले गए, लेकिन मानस उत्तराधिकारियों को देश लूटने के लिए छोड़ गए।

10 वर्ष में बदल गया कानपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष में बदलते हुए कानपुर को देखा है। औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए यहां फिर से मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर, टेक्सटाइल्स के नए हब के रूप में विकसित करने के लिए फ्लेटेड फैक्ट्री का निर्माण कार्य चल रहा है। कानपुर दो-तीन महीने के अंदर रेडिमेड गारमेंट के नए केंद्र के रूप में फिर से विकसित होने जा रहा है। कानपुर फिर से एयरकनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। कानपुर से दिल्ली समेत कई नगरों के बीच वंदे भारत प्रारंभ हो चुकी है। आउटर रिंग रोड हो या फिर लखनऊ-कानपुर के बीच ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद पश्चिमी यूपी व पूर्वी यूपी की दूरी को कम करने में कानपुर से मदद मिलेगी। नए-नए इंफ्रास्ट्रक्चर का डवलपमेंट कानपुर के अंदर दिख रहा है। कानपुर अब वीरान और बिखरा नहीं, नए भारत के विकास-विरासत से जुड़ने वाले महानगर के रूप में दिख रहा है।

कुछ ही महीने में मेट्रो के द्वितीय चरण का होगा लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में कानपुर में मेट्रो के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो गया है। कुछ ही महीने में इसके द्वितीय चरण का लोकार्पण करने जा रहे हैं। कानपुर मेट्रो- स्मार्ट सिटी और उद्योग को पुनर्जीवित करने वाला शहर हो गया है। आईआईटी कानपुर की मदद से यह इनोवेशन का नया हब बनकर फिर से उभर रहा है। आज सुबह भी विधानसभा अध्यक्ष व जनप्रतिनिधियों के साथ कानपुर के विकास की योजना को बढ़ाने की चर्चा हुई। सीएम ने बिठूर के विधायक को आश्वस्त किया कि ब्रह्मवर्त कॉरिडोर निर्माण और कनेक्टिविटी के गैप को भी ठीक करने के साथ बिठूर के गौरव को प्राप्त दिलाने में सरकार बढ़-चढ़कर कार्य करेगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, पूर्व सांसद विनय सहस्रबुद्धे, प्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिभा शुक्ला, अजीत पाल, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल अरुण, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, महेश त्रिवेदी, सरोज कुरील, राहुल बच्चा सोनकर, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक आदि मौजूद रहे।

सीएम के हाथों इन्हें मिला चेक, नियुक्ति पत्र व स्वीकृति पत्र
सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों विवेक यादव, सूरज कुमार, साबिया शेख, मनीषा कुशवाहा, प्रशांत सिंह को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का चेक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री ज्योति देवी, नीलम गौतम, प्रीति सोनवानी, सोनम कुशवाहा, सपना देवी को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत संध्या दीक्षित, बीना देवी, राजरानी, सुषमा व रामसजीवन को स्वीकृति पत्र दिया गया।

By Abhinendra

Journalist

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