ईडी के सामने पेश नहीं होंगे केजरीवाल

CM Arvind Kejriwal, Delhi Liquor Policy Case News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ करने के लिए बुलाया था। ईडी ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को पूछताछ के लिए दो नवंबर को तलब किया था। लेकिन दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं होंगे। वह आज पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ मध्य प्रदेश के सिंगरौली में रोड शो करेंगे।

केजरीवाल ने दिया जवाब

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी को जवाब दिया है। केजरीवाल ने कहा कि समन का नोटिस अवैध और राजनीति से प्रेरित है। नोटिस भाजपा के इशारे पर भेजा गया है। नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि मैं चार राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जाने में असमर्थ रहूं। ईडी को तुरंत नोटिस वापस लेना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि आप का राष्ट्रीय संयोजक और एक स्टार प्रचारक होने के नाते, मुझे चुनाव प्रचार के लिए यात्रा करनी पड़ती है और आप के अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को राजनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना पड़ता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं शासन और आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं जिनके लिए मेरी उपस्थिति आवश्यक है।

सिंगरौली के लिए निकले केजरीवाल

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अपने आवास से एयरपोर्ट के लिए निकल गए हैं। केजरीवाल मध्य प्रदेश के सिंगरौली में पार्टी के चुनाव अभियान के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ एक रोड शो करेंगे।

जांच कैसी शुरू हुई?

सीबीआई ने अगस्त 2022 में इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ नियमों के कथित उल्लंघन और नई शराब नीति में प्रक्रियागत गड़बड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के संबंध में ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच शुरू कर दी। ईडी और सीबीआई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रही हैं। ईडी नीति को बनाने और लागू करने में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई की जांच नीति बनाते समय हुई कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।

क्या है शराब नीति घोटाला? 

कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था।

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