Video: लखनऊ में घने कोहरे के चलते हादसों की आशंका, रेलवे ने की मॉकड्रिल

रिपोर्टर: अनुज कुमार

लखनऊ (Lucknow) में घने कोहरे के कारण होने वाली संभावित रेल दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में यात्रियों की जान बचाने और घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जांच करना रहा। घने कोहरे के मौसम में दृश्यता कम होने से रेल हादसों की आशंका बढ़ जाती है, ऐसे में यह मॉकड्रिल बेहद अहम मानी जा रही है।

हादसों की आशंका को लेकर सतर्कता:
घने कोहरे के दौरान रेल परिचालन में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने संभावित दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया। मॉकड्रिल के माध्यम से यह देखा गया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही किस तरह से विभिन्न टीमें आपस में समन्वय बनाकर तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू करती हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक घटना की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

आलमबाग में हुआ अभ्यास:
उत्तर रेलवे (North Railway) की ओर से लखनऊ के आलमबाग (Alambagh) क्षेत्र में यह मॉकड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास स्थल पर रेल दुर्घटना का एक काल्पनिक दृश्य तैयार किया गया, जिसमें ट्रेन के पलटने की स्थिति दर्शाई गई। इसके बाद रेलवे और अन्य सहयोगी टीमों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास:
मॉकड्रिल के दौरान यह दिखाया गया कि ट्रेन पलटने के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया किस तरह अपनाई जाती है। राहत टीमों ने डिब्बों में फंसे लोगों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया। इस दौरान समयबद्ध तरीके से कार्य करने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि वास्तविक हादसे में कीमती समय नष्ट न हो।

विभिन्न टीमों का समन्वय:
रेल दुर्घटना की स्थिति में केवल रेलवे ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों की भूमिका भी अहम होती है। मॉकड्रिल में यह परखा गया कि रेलवे की विभिन्न इकाइयां आपस में किस तरह तालमेल बनाकर काम करती हैं। संचार व्यवस्था, राहत सामग्री की उपलब्धता और घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया को भी अभ्यास का हिस्सा बनाया गया।

अधिकारियों की रही मौजूदगी:
इस मॉकड्रिल में रेलवे के अधिकारी और राहत कार्य से जुड़ी तमाम टीमें मौके पर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने अभ्यास की बारीकी से निगरानी की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मॉकड्रिल के जरिए कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर भी जोर दिया गया, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

सुरक्षा को लेकर संदेश:
रेलवे का यह अभ्यास यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। घने कोहरे के मौसम में हादसों की संभावना को कम करने और यदि कोई दुर्घटना होती है तो नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए ऐसे अभ्यास जरूरी माने जाते हैं। मॉकड्रिल से न केवल कर्मचारियों की तैयारियों की जांच होती है, बल्कि आमजन में भी सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ती है।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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