CJI पर जूता फेंकने का प्रयास बेहद गंभीर और शर्मनाक: चंद्रशेखर आज़ाद

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सोमवार को एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (CJI BR Gavai) पर हमला करने का प्रयास किया। घटना उस समय हुई जब सीजेआई की बेंच (Bench) एक मामले की सुनवाई कर रही थी। कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों के अनुसार, आरोपी ने जूता फेंका, लेकिन वह बेंच तक नहीं पहुंच सका। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे रोक लिया। बाहर जाते समय आरोपी ने नारा लगाया, “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” घटना के बाद CJI गवई ने अदालत में मौजूद वकीलों से कहा कि वे अपनी दलीलें जारी रखें और इस घटना से प्रभावित न हों।

हमले के आरोपी की पहचान:
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी वकील का नाम राकेश किशोर (Rakesh Kishore) है। उनका सुप्रीम कोर्ट बार (Supreme Court Bar) में रजिस्ट्रेशन 2011 का है। माना जा रहा है कि राकेश किशोर सीजेआई बीआर गवई (CJI BR Gavai) की मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खजुराहो (Khajuraho) में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की 7 फुट ऊंची खंडित मूर्ति की पुनर्स्थापना पर की गई टिप्पणी से नाराज थे।

भीम आर्मी और सांसद की प्रतिक्रिया:
भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (CJI BR Gavai) पर सुनवाई के दौरान जूता फेंकने का प्रयास बेहद गंभीर और शर्मनाक घटना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून और न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ है और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

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कमेंट और प्रभाव:
इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुरक्षा व्यवस्था और न्यायिक गरिमा पर बहस को जन्म दिया है। वकीलों और अदालत में मौजूद अन्य अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल ने समय रहते कार्रवाई की, जिससे सीजेआई और बेंच को कोई चोट नहीं लगी। सोशल मीडिया (Social Media) पर इस घटना को लेकर बहस शुरू हो गई है और कई लोग न्यायपालिका की सुरक्षा और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

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