लखनऊ (Lucknow)। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा (Chhath Puja 2025) 25 अक्टूबर से शुरू होगा। चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर को नहाय-खाय (Nahay-Khay) से होगी। 26 अक्टूबर को खरना (Kharna) होगा, जबकि 27 अक्टूबर को व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य (Arghya) देंगी। पूजा का समापन 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। प्रशासन ने महापर्व के सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
NDRF की सुरक्षा व्यवस्था:
अस्ताचलगामी और उदय होने वाले सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के लिए लाखों व्रतियों के बीच 11 NDRF बटालियन (NDRF Battalions) की टीमें गंगा घाटों (Ganga Ghats), सरोवरों और कुंडों पर तैनात रहेंगी। ये टीमें आवश्यक सुरक्षा उपकरणों, वॉटर एम्बुलेंस, गोताखोरों (Divers) और अन्य बचाव साधनों से लैस रहेंगी।
आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता:
NDRF (National Disaster Response Force) की ये टीमें किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करेंगी। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि छठ पूजा के दौरान किसी भी दुर्घटना या अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए बचाव और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों।
व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए निर्देश:
प्रशासन ने व्रतियों को सलाह दी है कि वे घाटों और कुंडों पर नियमों का पालन करें और भीड़-भाड़ में सुरक्षित रहें। पूजा स्थल पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीमें भी तैनात रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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