Report: Haseen Ansari
गाजीपुर। डाला छठ पर अस्ताचल भगवान सूर्य को रविवार की शाम को प्रथम अर्घ्य दिया गया। व्रती महिलाएं समूहों में छठ मइया के गीत गाते हुए गंगाघाटों पर पहुंचीं। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के गंगाघाटों, तालाबों एवं पोखरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। बच्चों ने जमकर आतिशबाजी भी की। इसके पहले पर्व से संबंधित सामग्रियों की बाजारों में खरीद के चलते दिन भर छठ पूजा की धूम रही। महापर्व के लिए दिन में दो बजे के बाद से व्रती महिलाएं तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के गंगा घाटों के लिए निकलने का क्रम शुरु हो गया था।
वहीं अपनी वर्षों की परम्परा को निभाते हुए भाजपा से जमानिया की पूर्व विधायक सुनीता सिंह ने भी महा व्रत रखा। छठ पूजा के नियमों का पालन करते हुए है वर्ष की तरह इस बार भी हाथ में कलश लिए वो पैदल ही घाट पर पहुंची। उनके पीछे उनके परिवार के सदस्य सर पर प्रसाद का सारा सामान लेकर चल रहे थे।
चार बजते-बजते सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। व्रती महिलाएं सुपेली में फल, पान की पत्ती, सुपारी, नारियल, अगरौटा आदि पूजा से संबंधित सामानों को लेकर गंगा घाटों पर पहुंची थी। इसके बाद वेदी को गंगा जल से धोकर धूप-अगरबत्ती जलाने और ईख को लगाकर कलश स्थापित किया गया। इसके बाद पूजन-अर्चन शुरू हुआ। सूर्यास्त से पहले व्रती महिलाएं गंगा के पानी में पहुंची और हाथों में सुपेली लेकर सूर्य की उपासना की। बाद में अस्त होते सूर्य को महिलाओं के पुत्र, पति, बेटी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने अर्घ्य दिया।
वहीं सोमवार को रात 3 बजे से ही घाटों पर भीड़ उमड़ने लगी, जैसे सूर्य ने अपनी लालिमा बिखेरी, अर्घ देने का सिलसिला शुरू हो गया।
शहर के ददरीघाट, कलेक्टरघाट, नवापुरा घाट, बड़ा महादेवा घाट, चीतनाथ घाट, अंजही घाट, पोस्ताघाट, सिकंदरपुर घाट सहित अन्य घाटों पर आस्था का हुजूम उमड़ा रहा। दिनभर छठ माता का गीत गूंजता रहा। सुबह से बाजार में लाउडस्पीकर पर छठ माता का गीत बजता रहा। इसके बाद पुत्र के दीर्घायु होने की कामना को लेकर मंगल गीत गाते हुई व्रती महिलाएं समूह में गंगा घाटों पर पहुंची। कुछ महिलाएं ढोल-ताशा की धुन पर गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची थीं। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर तरफ मंगल गीत गुंजायमान रहा।