जाटलैंड: भाजपा पर जीत का दबाव…

जाटलैंड के नाम से मशहूर सोनीपत और रोहतक लोकसभा सीट पर पूरे राज्य की नजरें हैं। दोनों ही सीट पर कई ऐसे समीकरण बन रहे हैं, जिससे भाजपा और कांग्रेस के बीच रोचक और कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है। भाजपा पर जहां अपने प्रदर्शन दोहराने का दबाव है, वहीं, अपने अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस के सामने करो-मरो जैसी स्थिति है।

सोनीपत और रोहतक कांग्रेस का गढ़ रहा है। रोहतक में कांग्रेस 18 में से 11 बार जीती है। पिछले चुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर कब्जा किया था। हरियाणा की दस में से इन्हीं दो ऐसी सीटों पर कांग्रेस को कम अंतर से हार मिली थी। ऐसे में कांग्रेस को इन दोनों सीटों से ही उम्मीद है।

सोनीपत में कांग्रेस के उम्मीदवार व राज्य के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भाजपा सांसद रमेश कौशिक ने करीब एक लाख 64 हजार वोटों से हराया था। वहीं, रोहतक में भाजपा सांसद अरविंद शर्मा ने कांग्रेस के उम्मीदवार दीपेंद्र हुड्डा को मात्र साढ़े सात हजार वोटों से पटखनी दी थी।

सोनीपत और रोहतक में हुड्डा परिवार का अच्छा प्रभाव माना जाता है। पिछले चुनाव की हार हुड्डा परिवार आज तक पचा नहीं पाया और अपनी हार का बदला लेने के लिए हुड्डा परिवार और कांग्रेस ने इस बार पूरा जोर लगा रखा है।
वहीं, पीएम मोदी के 400 पार के नारे की वजह से हरियाणा भाजपा पर राज्य की दसों सीट पर कमल खिलाने का दबाव है। दोनों लोकसभा क्षेत्र की 18 विधानसभा सीटों में 12 पर कांग्रेस का कब्जा और भाजपा का सिर्फ चार सीटों पर है।

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