बिहार में राज्यसभा की खाली हो रही पांच सीटों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व विधायक शिवेश कुमार उर्फ शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया है। इन नामों की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
बीजेपी ने दो उम्मीदवारों पर जताया भरोसा:
घोषित उम्मीदवारों में शिवेश कुमार उर्फ शिवेश राम की पहचान एक दलित नेता के रूप में रही है। वे अगिआंव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और सासाराम लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लेकर सामाजिक संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है। वहीं नितिन नवीन वर्तमान में बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने पूर्व में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन अभी विधानसभा सदस्य बने हुए हैं। यदि वे राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होते हैं तो उन्हें विधानसभा की सदस्यता छोड़नी होगी।
जेडीयू से निशांत कुमार की चर्चा:
राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं और इनमें से कोई भी सीट वर्तमान में बीजेपी के पास नहीं है। सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों में राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) के दो, जनता दल यूनाइटेड (Janata Dal United) के दो और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। वहीं जनता दल यूनाइटेड की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है। जेडीयू अपने कोटे की दो सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।
विधायकों की संख्या और जीत का गणित:
विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर एनडीए चार सीटों पर आराम से जीत दर्ज कर सकती है। एक राज्यसभा सांसद के चुनाव के लिए 41 विधायकों के मतों की आवश्यकता होती है। चार उम्मीदवारों के निर्वाचित होने के बाद भी एनडीए के पास 38 विधायकों के वोट शेष रहने की संभावना है। पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। एनडीए के नेता पांचों सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं।
विपक्ष की रणनीति और नामांकन तिथि:
विपक्षी महागठबंधन के पास कुल 41 विधायक बताए जा रहे हैं। हालांकि एआईएमआईएम (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के पांच और बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) के एक विधायक महागठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल का उम्मीदवार मैदान में उतर सकता है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है, जिसके चलते सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
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