Bihar: पटना, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के वरिष्ठ नेता अरुण भारती ने शनिवार को महागठबंधन की मतदाता अधिकार यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की राजनीति इस वक्त निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव न केवल राज्य की दिशा तय करेगा बल्कि आने वाले दो दशकों तक बिहार की दशा भी निर्धारित करेगा।
अरुण भारती ने कहा, “हम लोगों ने 8 जून को ‘नव संकल्प महासभा’ की शुरुआत की थी। इसका एकमात्र उद्देश्य यह है कि बिहार में एक ऐसे नेता को आगे लाया जाए, जो युवा हो, कर्मठ हो, जिस पर कोई गंभीर आरोप न हो और जिसने कभी बिहार को जंगलराज या भ्रष्टाचार के बोझ तले न झुकाया हो। ऐसे में यह जिम्मेदारी हमारे नेता चिराग पासवान पर आकर टिकती है।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार को ऐसे नेतृत्व की दरकार है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, शिक्षा, रोजगार और बेहतर शासन की गारंटी दे सके। भारती ने जोर देकर कहा कि चिराग पासवान वही चेहरा हैं, जिन्हें जनता का आशीर्वाद मिल रहा है।
LJP (रामविलास) द्वारा आरा से शुरू की गई नव संकल्प महासभा को बड़ी सफलता मिली थी। इस सभा में भारी भीड़ उमड़ी और जनता ने चिराग पासवान के नेतृत्व पर भरोसा जताया। अरुण भारती ने बताया कि इस पहल को पूरे बिहार में विस्तार दिया जाएगा और इसकी अगली सभा 4 सितंबर को आयोजित होगी।
महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए भारती ने कहा कि जनता अब पुराने वादों और झूठी घोषणाओं से ऊब चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिहार को फिर से उन नेताओं के हवाले किया जा सकता है, जिनके शासन में राज्य को जंगलराज का दाग झेलना पड़ा था? उन्होंने कहा कि आज बिहार की जनता पारदर्शी, विकासोन्मुख और ईमानदार नेतृत्व चाहती है।
चिराग पासवान के प्रति समर्थन जताते हुए उन्होंने कहा, “हमारे नेता को सभी जगह से आशीर्वाद मिल रहा है। बिहार के कोने-कोने में लोग यह संदेश दे रहे हैं कि अब समय है नए नेतृत्व का। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में चिराग पासवान बिहार का नेतृत्व संभालेंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”
राजनीतिक हलकों में अरुण भारती का यह बयान खास मायने रखता है। जहां एक ओर महागठबंधन ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के जरिए समर्थन जुटाने की कोशिश में है, वहीं दूसरी ओर LJP (रामविलास) चिराग पासवान को भविष्य का चेहरा बताकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान लगातार अपनी राजनीतिक जमीन को विस्तार देने की कोशिश में हैं। उनकी छवि युवा और ऊर्जावान नेता की है, जो बिहार के युवाओं को रोजगार और विकास का भरोसा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं विपक्षी दल उन्हें अनुभवहीन और अवसरवादी बताकर जनता को सावधान करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल, बिहार की राजनीति में माहौल तेजी से बदल रहा है। महागठबंधन और NDA के बीच सियासी जंग में LJP (रामविलास) भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने में जुट गई है। 4 सितंबर को होने वाली अगली सभा पर सबकी नजरें टिकी होंगी कि जनता का मूड किस ओर जाता है।

