भाई दूज के पावन अवसर पर लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) स्थित जिला कारागार में भी पर्व की विशेष उमंग देखने को मिली। यहां कुल 190 बंदियों, जिनमें 188 पुरुष और 2 महिला बंदी शामिल थे, ने अपने भाई-बहनों के साथ भाई दूज का त्योहार मनाया। जेल परिसर में पारिवारिक भावनाओं से भरा दृश्य हर किसी को भावुक कर गया।
भाई-बहनों का स्नेह और आशीर्वाद:
भाई दूज के दिन बहनें जेल परिसर में पहुंचीं और अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना की। इसके बाद बहनों ने मिठाई वितरित कर पारंपरिक ढंग से इस पवित्र पर्व को मनाया। इस दौरान भावनात्मक माहौल रहा, जहां कई बहनों की आंखें अपने भाइयों से मिलकर नम हो गईं।
जेल प्रशासन की विशेष तैयारी:
जिला जेल अधीक्षक पी.डी. सलोनिया (P.D. Salonia) ने बताया कि इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहा कि बंदियों को इस पर्व के माध्यम से पारिवारिक स्नेह का अनुभव मिल सके। साथ ही सभी मुलाकातों को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया गया।
बंधन की पवित्रता का प्रतीक बना पर्व:
जिला कारागार (District Jail) में भाई दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक बन गया। जेल के भीतर भी इस पर्व की भावनात्मक छवि स्पष्ट दिखाई दी, जहां बंदियों के चेहरों पर अपने परिजनों से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।
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