रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया जनपद के बिल्थरारोड क्षेत्र में बढ़ते अपराध ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या और हिंसक घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला बेल्थरारोड निवासी एक युवक की मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा और कई घंटों तक हालात तनावपूर्ण बने रहे।
बलिया के बेल्थरारोड नगर क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय समीर कुमार उर्फ मंटू बीते 25 नवंबर को मऊ जनपद में एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। घर वापसी के दौरान रास्ते में उनके साथ जो हुआ, उसने कानून व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया।
शादी समारोह से लौटते समय हुआ जानलेवा हमला:
जानकारी के अनुसार समीर कुमार मऊ जनपद के मर्यादपुर क्षेत्र स्थित एक गांव से मोटरसाइकिल द्वारा लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे जब वे रामपुर थाना क्षेत्र के मयारी गांव के समीप पहुंचे, तभी पीछे से आ रही एक चार पहिया वाहन में सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने लाठी, डंडे और धारदार हथियार से समीर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
इलाज के दौरान तोड़ा दम:
घटना के बाद परिजन समीर को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) रेफर किया गया। कई दिनों तक चले इलाज के बाद गुरुवार को समीर ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बेल्थरारोड क्षेत्र में शोक के साथ आक्रोश का माहौल बन गया।
शव पहुंचते ही फूटा लोगों का गुस्सा:
शुक्रवार सुबह जैसे ही समीर का शव बेल्थरारोड स्थित उनके घर पहुंचा, परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजन और समर्थक शव को घर के सामने रखकर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
मुआवजा और कार्रवाई की मांग:
धरने पर बैठे परिजनों ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। साथ ही उन्होंने हमलावर बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी और घटना क्षेत्र के रामपुर थाना प्रभारी को हटाने की मांग उठाई। परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते पुलिस सख्त कार्रवाई करती तो ऐसी घटना नहीं होती। इस दौरान लोगों ने क्षेत्र में बढ़ते अपराध को लेकर नाराजगी जाहिर की।
भारी पुलिस बल तैनात:
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया। बलिया और मऊ जनपद के कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी बल को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में पुलिस की कड़ी निगरानी रखी गई। प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम मधुबन (Deepak Singh), एसडीएम बेल्थरारोड (Sharad Chaudhary), सीओ रसड़ा (Alok Kumar Gupta) और सीओ मधुबन भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।
पुलिस प्रशासन का फैसला:
परिजनों के आक्रोश और मांगों को देखते हुए एसपी मऊ ने बड़ा फैसला लिया। रामपुर थाना प्रभारी कंचन मौर्य को लाइन हाजिर कर दिया गया। उनके स्थान पर राकेश मोहन को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने एसी एसटी एक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजे की घोषणा की और बदमाशों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
लगभग सात घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार:
करीब सात घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन और प्रशासनिक बातचीत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद समीर की शव यात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
क्षेत्र में अपराध को लेकर सवाल:
इस घटना ने एक बार फिर बेल्थरारोड और आसपास के इलाकों में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं से आमजन में भय का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
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