चुनाव से पहले बड़ा खुलासा, बैलेट बॉक्स पर संकट!

रिपोर्टर : प्रदीप शर्मा

गाजीपुर। पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में विपक्षी दल लगातार ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर (Ballot Paper) से चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में निकट भविष्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जो परंपरागत तरीके से बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाते हैं, पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। गाजीपुर (Ghazipur) जिले के भांवरकोल (Bhawnarkol) ब्लॉक में जो नजारा सामने आया, उसने प्रशासनिक तैयारी और संवेदनशीलता दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

भांवरकोल ब्लॉक में खुले आसमान के नीचे पड़े बॉक्स:
गाजीपुर के भांवरकोल ब्लॉक परिसर में सैकड़ों की संख्या में बैलेट बॉक्स खुले आसमान के नीचे पड़े मिले। इनमें से अधिकांश बैलेट बॉक्स जंग खा चुके हैं या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई बॉक्स तो इस स्थिति में हैं कि उनका चुनाव में उपयोग संभव नहीं है, जबकि जो कुछ बचे हैं, उन्हें भी मरम्मत की आवश्यकता है।

जनपद के 16 ब्लॉकों में एक जैसी स्थिति:
यह समस्या केवल भांवरकोल ब्लॉक तक सीमित नहीं है। गाजीपुर जनपद के 16 ब्लॉकों में बैलेट बॉक्स की स्थिति लगभग इसी तरह की बताई जा रही है। लंबे समय से रखरखाव न होने और उचित भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण अधिकांश बॉक्स खराब हो चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी में लापरवाही बरती जा रही है।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्वीकारी स्थिति:
जब इस मामले में गाजीपुर के मुख्य विकास अधिकारी (Chief Development Officer) से बात की गई तो उन्होंने भी बैलेट बॉक्स की दयनीय स्थिति स्वीकार की। उन्होंने बताया कि आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिले में लगभग 13,000 बैलेट बॉक्स की आवश्यकता होगी। इनमें से करीब 5,000 नए बैलेट बॉक्स चुनाव से पहले जिले को प्राप्त होंगे, जबकि शेष बॉक्सों की मरम्मत कराकर उनका उपयोग किया जाएगा।

मरम्मत और रखरखाव की होगी जरूरत:
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में जो बैलेट बॉक्स उपलब्ध हैं, उनमें से बड़ी संख्या में मरम्मत की आवश्यकता है। यदि समय रहते इनकी दुरुस्ती नहीं कराई गई तो चुनाव के दौरान परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही, नए बॉक्स की आपूर्ति में देरी भी प्रशासन के लिए चुनौती बन सकती है।

खुले में रखे बॉक्सों पर उठ रहे सवाल:
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल बैलेट बॉक्स खुले आसमान के नीचे रखे गए हैं। बारिश और धूप के कारण इनकी स्थिति और बिगड़ती जा रही है। प्रशासनिक उपेक्षा का यह हाल यह सोचने पर मजबूर करता है कि जिन बैलेट बॉक्सों के सहारे लोकतंत्र का सबसे निचला स्तर संचालित होता है, उनकी इतनी अनदेखी क्यों की जा रही है।

चुनाव पूर्व तैयारियों पर छाया संशय:
बैलेट बॉक्सों की यह हालत देखकर पंचायत चुनाव की तैयारियों पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। एक ओर जहां विपक्ष ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव में प्रयोग होने वाले इन बॉक्सों की दुर्दशा लोकतंत्र की जमीनी हकीकत को उजागर करती है।



#Tags: #Ghazipur, #PanchayatElection, #BallotBox, #UPPolitics

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading