उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) जनपद के रसड़ा तहसील क्षेत्र स्थित छिब्बी गांव में सोलर प्लांट निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई है। जानकारी के अनुसार एम्पइन एनर्जी ग्रीन वन प्राइवेट लिमिटेड (Empin Energy Green One Private Limited), साकेत नई दिल्ली (Saket New Delhi) की एक सोलर पैनल कंपनी यहां लगभग 80 एकड़ भूमि पर प्लांट लगाने का कार्य कर रही है। इसी परियोजना को लेकर गांव के कई किसानों ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की जांच की मांग की है।
किसानों ने जमीन अधिग्रहण पर उठाए सवाल:
छिब्बी गांव के किसानों का कहना है कि सोलर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं की जा रही है। किसानों के अनुसार कई किसानों की भूमि का उचित तरीके से एग्रीमेंट किए बिना ही उस पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
भू-माफियाओं के माध्यम से दबाव बनाने का आरोप:
किसानों का यह भी कहना है कि कुछ लोगों के माध्यम से दबाव बनाकर जमीन लेने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ भू-माफियाओं के जरिए जमीन अधिग्रहण कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में उन्हें अपनी जमीन और अधिकारों को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही है।
आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप:
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जो किसान इस मामले में अपनी बात रख रहे हैं या विरोध जता रहे हैं, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। किसानों का कहना है कि कुछ मामलों में पुलिस और दबाव के जरिए विरोध को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पारदर्शी प्रक्रिया और मुआवजे की मांग:
किसानों ने मांग की है कि जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाए। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीन ली जा रही है, उनके साथ स्पष्ट और लिखित समझौता किया जाए तथा उचित मुआवजा भी सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रक्रिया नियमों के अनुसार और सहमति के साथ होगी तो विवाद की स्थिति समाप्त हो सकती है।
कंपनी की ओर से नहीं मिला स्पष्ट जवाब:
मामले को लेकर जब प्लांट पर मौजूद कर्मचारियों से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। कर्मचारियों ने इस विषय पर कुछ भी कहने से परहेज किया। ऐसे में कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
प्रशासन से न्याय की गुहार:
फिलहाल छिब्बी गांव के किसान इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए तो विवाद का समाधान संभव है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में उचित कदम उठाएगा और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
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रिपोर्टर:अमित कुमार

