रिपोर्ट: अमित कुमार
Ballia: कथावाचक नित्यानंद की गिरफ्तारी को लेकर बलिया के सपा सांसद सनातन पांडेय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब कथावाचक खुद को ईश्वर मानने लगते हैं तो उनका हाल वही होता है जो पहले राम रहीम और आसाराम बापू का हुआ था। सांसद का कहना है कि जब हम इंसान को भगवान समझने लगते हैं तो ऐसी घटनाएं होना स्वाभाविक हो जाता है।
कथावाचक और ईश्वर का भ्रम
सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि समाज में कई बार लोग कथावाचकों को भगवान का रूप मानने लगते हैं। इस कारण लोगों की आस्था का गलत इस्तेमाल होता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब भी कोई व्यक्ति खुद को भगवान बताने लगे, वहां से समस्याएं शुरू होती हैं और आगे चलकर यह स्थिति समाज के लिए खतरनाक हो जाती है।
ढोंगी बाबाओं पर सख्ती की जरूरत
सांसद ने अपने बयान में जोर दिया कि इस तरह के ढोंगी और कथावाचक लोगों पर समय-समय पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कानून अपना काम करता है तो सच सामने आता है और ऐसे लोगों का असली चेहरा उजागर होता है। पांडेय का मानना है कि समाज को ऐसे लोगों से बचाने के लिए प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह की गतिविधि पर तुरंत कदम उठाना आवश्यक है।
समाज के लिए सबक
सांसद ने अपने विचार रखते हुए कहा कि लोगों को भी अपनी सोच में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान को भगवान मानना सही नहीं है। समाज को समझना होगा कि आस्था और अंधभक्ति में फर्क होता है। जब अंधभक्ति हावी होती है तो नित्यानंद जैसे मामले सामने आते हैं।
बलिया के सांसद सनातन पांडेय का बयान यह स्पष्ट करता है कि कथावाचकों और ढोंगी बाबाओं की आड़ में चलने वाले गलत कामों को लेकर सख्त नजरिया जरूरी है। उन्होंने नित्यानंद की गिरफ्तारी को इस दिशा में उठाया गया सही कदम बताया और कहा कि ऐसे मामलों से समाज को सीख लेनी चाहिए।

