रिपोर्ट: अमित कुमार
Ballia: बलिया जिले के सुदिष्टपुरी, रानीगंज स्थित सुदिष्ट बाबा इंटर कॉलेज में बड़ा विवाद सामने आया है। कॉलेज के प्रिंसिपल अशोक कुमार पांडेय को जबरन पद से हटाने की कोशिश का मामला गरमा गया है। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल छीनने जैसी घटनाएं भी हुईं। इसके विरोध में पांडेय ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है और विभाग से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रिंसिपल को जबरन हटाने का आरोप
अशोक कुमार पांडेय का कहना है कि उन्हें पद से हटाने का कोई भी लिखित आदेश अब तक नहीं दिया गया है। उनका आरोप है कि दबंगई और गुंडई के बल पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। पांडेय का कहना है कि इस पूरी घटना में ओम प्रकाश सिंह यादव और आलोक सिंह की संलिप्तता है, जिन्होंने मारपीट के साथ-साथ गाली-गलौज और मोबाइल छीनने जैसी हरकतें कीं।
कार्रवाई की मांग पर अड़े
पीड़ित प्रिंसिपल ने विभागीय स्तर पर न्याय की मांग की है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जाता, तब तक वह धरना स्थल से नहीं हटेंगे। पांडेय का कहना है कि यह मामला सिर्फ उनके पद की सुरक्षा से जुड़ा नहीं है, बल्कि शिक्षा संस्थानों में दबाव और गुंडागर्दी की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का भी सवाल है।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
अशोक पांडेय का कहना है कि उन्होंने इस घटना की जानकारी थाने से लेकर उच्च अधिकारियों तक लिखित रूप से दी है, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि विभाग और प्रशासन दोनों ही मामले की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे उन्हें धरना देने पर मजबूर होना पड़ा है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस संस्थान में बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी होती है, वहां पर प्रिंसिपल के साथ इस तरह की घटनाएं होना चिंताजनक है। इससे शिक्षा जगत में गलत संदेश जाता है और अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।
आंदोलन के संकेत
धरने पर बैठे पांडेय का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने साफ किया है कि यह धरना अनिश्चितकालीन होगा और वह लगातार वहीं डटे रहेंगे। पांडेय की इस जिद और संघर्ष से मामला और गंभीर हो सकता है।