रिपोर्ट: अमित कुमार
बलिया जिले (Ballia District) में शराब माफियाओं का जाल एक बार फिर फैलता नजर आ रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमाओं से सटे इलाकों में शराब कारोबारियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यूपी के शराब कारोबारियों ने अब बिहार की ओर रुख कर लिया है और बिना आबादी वाले दियारा क्षेत्र में भेड़-बकरियों के बीच अपनी दुकानों को बाजार से हटाकर एक ट्यूबवेल में शिफ्ट कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दोकटी गांव (Dokati Village) के दर्जनों युवाओं ने जिलाधिकारी बलिया (DM Ballia) को पत्र लिखकर इन दुकानों को वहां से हटाने और सरकार द्वारा चिन्हित उचित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गंगा नदी से महज 100 मीटर की दूरी पर बिहार की सीमा शुरू हो जाती है, और यही कारण है कि बिहार के शराब तस्कर असलहे के बल पर आकर यहां से अवैध रूप से शराब ले जाते हैं।
आबकारी विभाग पर सवाल उठे:
स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग (Excise Department) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक ग्रामीण ने तंज कसते हुए कहा— “आबकारी वाले साहब, क्या यहां भेड़-बकरियां भी शराब पीती हैं?” ग्रामीणों का कहना है कि आबकारी अधिकारी इस पूरे प्रकरण से वाकिफ हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं कर रहे। दियारा क्षेत्र में खुलेआम शराब की दुकानें चल रही हैं, जिससे आसपास के खेतों में काम करने वाली महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी तस्करी की आशंका:
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आने के साथ ही शराब की तस्करी का मामला गरमा गया है। दोकटी थाना क्षेत्र (Dokati Police Station Area) में कम्पोजिट शराब की दुकान को जानबूझकर बिहार सीमा से सटे खेत और गंगा नदी के किनारे खोल दिया गया है। स्थानीय युवाओं ने इसका जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि इस दुकान पर आने वाले ज्यादातर ग्राहक बिहार के हैं, और यहीं से शराब की तस्करी का धंधा चल रहा है।
युवाओं ने डीएम से की शिकायत:
युवाओं ने डीएम बलिया से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई है कि दुकान की लोकेशन कानून के विपरीत है और इसे जल्द हटाया जाए। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन और आबकारी विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
स्थानीय महिलाओं में भय का माहौल:
गांव की महिलाएं खेतों में काम करने से डरने लगी हैं। उनका कहना है कि शराबियों की आवाजाही से माहौल असुरक्षित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र पहले शांत था, लेकिन दुकान के खुलने के बाद अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की आवाजाही बढ़ गई है।
सीमा पार तस्करों की सक्रियता बढ़ी:
गंगा नदी के किनारे स्थित यह इलाका बिहार से बेहद नजदीक है, जिससे तस्करों को अवैध शराब की सप्लाई में आसानी हो रही है। शिकायत के अनुसार, बिहार के शराब तस्कर हथियारों के बल पर यहां पहुंचकर शराब खरीदते हैं और उसे बिहार में ले जाकर बेचते हैं। यह पूरा कारोबार कानून को धता बताकर चल रहा है।
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डिस्क्लेमर:
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