रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया (Ballia) जनपद में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता एकजुट हुए और ईडी तथा भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, जहां पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया।
देशव्यापी आह्वान पर हुआ विरोध:
कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी का कहना है कि नेशनल हेराल्ड मामले में की जा रही कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। बलिया में भी इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन किया।
ईडी और भाजपा पर लगाए आरोप:
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ईडी और भाजपा पर तीखे आरोप लगाए। उनका कहना था कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट के निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जानबूझकर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत फंसाया जा रहा है।
सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी:
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों का सहारा ले रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
पुलिस से हुई नोकझोंक:
विरोध प्रदर्शन के दौरान जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को अपनी कस्टडी में ले लिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता:
पुलिस ने एहतियातन सभी प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यालय तक जाने नहीं दिया गया। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर आगे की कार्रवाई की गई। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप:
कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। उनका कहना था कि सरकार जांच एजेंसियों के सहारे विपक्ष को डराने और दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी इससे पीछे हटने वाली नहीं है।
संघर्ष जारी रखने का ऐलान:
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जब तक इस तरह की कथित राजनीतिक कार्रवाई बंद नहीं होती, तब तक कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
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