रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया [Ballia] से एक सनसनीखेज बयान सामने आया है, जिसने देशभर में हलचल मचा दी है। यहां के पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह[Ram Ikbal Singh] ने भारत के प्रथम शाहिद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय[Mangal Pandey] को लेकर विवादित टिप्पणी की है। रामइकबाल सिंह ने कहा कि मंगल पांडेय क्रिमिनल थे और उन्होंने अंग्रेजों[British] पर गोलियां चलाई, इसलिए उन्हें फांसी देना न्यायसंगत था।
रामइकबाल सिंह का बयान और विवाद:
पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने कहा कि “क्राइम किया तो फांसी पर चढ़ना पड़ेगा। अंग्रेजों का कानून सही था। अगर कोई अपराध करता था, तो अंग्रेज एक साल के भीतर फांसी दे देते थे। मंगल पांडेय ने भी गोली चलाई, कानून हाथ में लिया, इसलिए फांसी पर चढ़े। पूजा नहीं की, लेकिन भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी और स्वर्ग गए।”
उन्होंने आगे कहा कि मंगल पांडेय ने अपने जज्बात और देशभक्ति के साथ अंग्रेजों[British] के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन कानून की नजर में अपराध हुआ। रामइकबाल सिंह के इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा छेड़ दी है।
नया नजरिया और सोने की चिड़िया बनाने का मंत्र:
बलिया[Ballia] के रसड़ा विधानसभा[Resra Assembly] से विधायक रहे रामइकबाल सिंह ने कहा कि भारत को “सोने की चिड़िया” बनाने के लिए कानून को कड़ा करना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर रिश्वतखोर अधिकारी, नेता और SP पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें समयबद्ध सजा मिले, तो देश फिर से समृद्ध और न्यायप्रिय बन सकता है।
रामइकबाल सिंह ने कहा, “रिश्वतखोरों पर मुकदमा क्यों चलाते हो? उनका नार्को टेस्ट कराओ और एक महीने के अंदर फांसी दे दो। अगर हर जिले में ऐसे अधिकारी या नेता दंडित हों, तो भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जाएगा।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ:
रामइकबाल सिंह वही विधायक हैं, जिनके चलते बीजेपी[Bhartiya Janata Party] और बसपा[Bahujan Samaj Party] की छह-छह महीने चलने वाली संयुक्त सरकारें गिर गई थीं। उनके बयान का राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व इसलिए भी है कि उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडेय[Mangal Pandey] को अपराधी करार देने के साथ-साथ वर्तमान शासन में कड़े कानून लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सियासी हलचल और प्रतिक्रिया:
पूर्व विधायक का यह बयान राजनीतिक दलों और नागरिक समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दे रहा है। कई लोग इसे आपत्तिजनक मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे कानून और व्यवस्था पर जोर देने वाला बयान बता रहे हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर वायरल चर्चाओं में लोग विभाजित नजर आ रहे हैं।
कानून और व्यवस्था पर संदेश:
रामइकबाल सिंह ने साफ किया कि उनका उद्देश्य केवल कानून के पालन और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपराध करता है, उसे तुरंत दंडित करना चाहिए। उनका यह बयान वर्तमान प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि कानून का पालन समयबद्ध होना चाहिए।
निष्कर्ष:
बलिया[Ballia] से आए इस बयान ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई है बल्कि स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडेय[Mangal Pandey] को लेकर ऐतिहासिक दृष्टिकोण पर भी बहस छेड़ दी है। रामइकबाल सिंह के विवादित शब्दों ने सोशल मीडिया पर भी तूफान खड़ा कर दिया है। इस बयान के बाद सरकार, राजनीतिक दल और नागरिक समाज में व्यापक चर्चा जारी है।
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