बहराइच जिले के बौंडी थाना क्षेत्र के भौंरी बहोरवा गांव में शुक्रवार तड़के दर्दनाक घटना हुई। रात करीब 3 बजे बरामदे में सो रही रानी देवी की तीन महीने की बच्ची संध्या को भेड़िया जबड़े में दबोचकर ले गया। मां की चीख सुनकर पिता दिनेश तिवारी लाठी लेकर दौड़े, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर भेड़िया खेतों की ओर भाग गया। परिवार और ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश शुरू की, लेकिन करीब तीन घंटे बाद गन्ने के खेत में उसका क्षत-विक्षत शव मिला।
पहचान से रो पड़ी मां-पिता
बच्ची का पूरा शरीर भेड़िया खा गया था। केवल गेंद के बराबर सिर की हड्डी बची थी। पास में पड़ा ब्रेसलेट और फटे कपड़ों से बच्ची की पहचान की गई। बेटी की खोपड़ी देखकर माता-पिता बेसुध हो गए। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों में शव के बाकी हिस्से खोजने की कोशिश की, लेकिन कुछ भी नहीं मिला।
48 घंटे में दूसरी वारदात
इससे दो दिन पहले 10 सितंबर को कैसरगंज इलाके में भी भेड़िए ने सात साल की बच्ची को घर से उठाकर मार डाला था। बच्ची का शव अगले दिन घर से 800 मीटर दूर खेत में मिला। दोनों घटनाएं महज आठ किलोमीटर की दूरी पर हुई हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
फिर लौट आया पुराना खौफ
बहराइच में भेड़ियों का आतंक कोई नया नहीं है। पिछले साल जुलाई-सितंबर 2024 में महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों में नौ लोगों की मौत और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। तब वन विभाग ने अभियान चलाकर छह भेड़िए पकड़े थे। अब एक साल बाद फिर से हमले शुरू होने से लोग दहशत में हैं।
वन विभाग के डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। पिंजरे लगाए जाएंगे और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी, ताकि आदमखोर भेड़िए को पकड़ा जा सके।