रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जिसमें बादल बाबू नामक युवक का पाकिस्तान (Pakistan) की जेल से जुड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार बादल बाबू ने पाकिस्तान की जेल में रहते हुए धर्म परिवर्तन कर लिया है और अब वह मुस्लिम धर्म अपनाकर नमाज पढ़ रहा है। जेल से रिहा होने के बाद भी उसने भारत (India) लौटने से इनकार किया है, जिससे यह मामला और जटिल होता नजर आ रहा है। परिजन और प्रशासनिक स्तर पर इस विषय को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।

पाकिस्तान की जेल में बदला जीवन:
बताया गया है कि पाकिस्तान की जेल में सजा काटने के दौरान बादल बाबू ने धर्म परिवर्तन किया। वहीं रहते हुए उसने मुस्लिम धर्म को अपनाया और नमाज अदा करने लगा। इस संबंध में जानकारी पाकिस्तान में उसके वकील एडवोकेट फियाज़ रामे (Advocate Fiaz Rame) ने दी है। वकील के अनुसार जेल में रहने के दौरान बादल बाबू के व्यवहार और जीवनशैली में बदलाव देखा गया।
रिहाई के बाद भारत आने से इनकार:
जानकारी के मुताबिक बादल बाबू की पाकिस्तान की जेल से रिहाई तो हो चुकी है, लेकिन उसने भारत लौटने से साफ इनकार कर दिया है। वकील का कहना है कि कानूनन बादल बाबू पाकिस्तान में नहीं रह सकता और उसे भारत लौटना ही होगा। इसके बावजूद उसकी ओर से लौटने की इच्छा नहीं जताई जा रही है, जिससे स्थिति उलझी हुई बनी हुई है।
जुर्माना न जमा होने से डिटेन्शन सेंटर में बंद:
पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद भी बादल बाबू पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है। उस पर लगाए गए ₹5000 के जुर्माने की रकम जमा न हो पाने के कारण उसे डिटेन्शन सेंटर में रखा गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है, जिस कारण जुर्माने की राशि जमा कराने में असमर्थता जताई गई है।
पाकिस्तानी वकील ने दी जानकारी:
1 जनवरी को पाकिस्तान में बादल बाबू के वकील एडवोकेट फियाज़ रामे ने जेल में उससे मुलाकात की थी। इसके बाद एक वीडियो के माध्यम से उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। वकील ने बताया कि नियमों के अनुसार बादल बाबू पाकिस्तान में स्थायी रूप से नहीं रह सकता और उसे भारत वापस भेजा जाना आवश्यक है।
प्रेम संबंध में पार की थी सरहद:
मामले में यह भी सामने आया है कि बादल बाबू पाकिस्तान की सोशल मीडिया यूजर सना रानी (Sana Rani) के प्रेम में सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंचा था। बिना वीजा और पासपोर्ट के पाकिस्तान में प्रवेश करने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद उसे एक साल की जेल की सजा और ₹5000 का जुर्माना लगाया गया था।
सजा के दौरान नहीं मिली सना रानी:
जेल में सजा काटने के दौरान एक बार भी सना रानी ने बादल बाबू से मुलाकात नहीं की। यह बात भी वकील द्वारा साझा की गई जानकारी में सामने आई है। इस पहलू को लेकर परिजन भी हैरानी जता रहे हैं और पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं।
परिवार की आर्थिक मजबूरी:
बादल बाबू के पिता कृपाल सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो में पाकिस्तानी वकील ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जुर्माने की रकम जमा नहीं हो सकी है। इसी वजह से रिहाई के बावजूद बादल बाबू डिटेन्शन सेंटर में ही बंद है और भारत वापसी का रास्ता भी कठिन बना हुआ है।
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