पूर्वांचल में भाजपा के बाजीगर बने निरहुआ!

आजमगढ़ उपचुनाव में भोजपुरी फिल्मों के जाने माने अभिनेता व चर्चित गायक दिनेश लाल यादव ने जीत दर्ज की है. दिनेश लाल यादव निरहुआ भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. उनके खिलाफ समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव मैदान में थे. हालांकि दिनेश लाल यादव इससे पहले भी आजमगढ़ से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन पिछली बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस बार दिनेश लाल यादव ने सपा के गढ़ में सेंधमारी कर ली है और भाजपा का परचम आजमगढ़ में फहरा दिया है. राजनीति में प्रवेश कर चुके दिनेश लाल यादव भोजपुरी फिल्म जगत के जाने माने अभिनेता है.

दिनेश लाल यादव का जन्म गाजीपुर जिले के सैदपुर भीतरी गांव में हुआ था. साधारण किसान परिवार में जन्में दिनेशा लाल यादव गांव में ही अपने माता पिता के साथ रहते हैं. उनके पिता मात्र 350 रुपये मासिक वेतर पर नौकरी करते थे. निरहुआ बचपन से ही गाना सुनने और गाने के शौकीन थे. उन्होंने अपने चचेरे भाई विजय लाल से संगीत सीखा और बतौर गायक वे शादी समारोहों और कई कार्यक्रमों में गाने लगे.

बतौर गायक दिनेश लाल यादव बिरहा व कई गानों को गाया करते थे. साल 2003 में उनका एक म्यूजिक एलबम आया जिसका नाम था निरहुआ सटल रहे. बस फिर क्या था इस गाने के आने के बाद से ही दिनेश लाल यादव के नाम के पीछे निरहुआ भी जुड़ गया जो कि आज उनकी पहचान बन चुका है. साल 2006 आते आते दिनेश लाल यादव की फिल्में एक के बाद एक हिट होने लगी. दिनेश लाल यादव न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार और झारखंड में भी बहुत चर्चित हैं. साल 2007 में निरहुआ की आई फिल्म निरहुआ रिक्शा वाला भोजपुरी सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. इस सीरीज में उनकी 6 फिल्में आईं थीं.

दिनेश लाल यादव का नाम निरहुआ के तौर पर खूब चर्चित हुआ. निरहुआ ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियों सग काम किया लेकिन आम्रपाली दुबे के साथ उनकी जोड़ी खूब चर्चा में आई. आज भी उनकी दोस्ती काफी खास है और चुनाव प्रचार करने के लिए आम्रपाली भी आजमगढ़ आईं थी. दिनेश लाल यादव और पवन सिंह के बीच दोस्ती काफी अच्छी. पवन सिंह भी आजमगढ़ में दिनेश लाल यादव के लिए प्रचार करने आए थे. यही नहीं उनके साथ स्मृति सिन्हा और प्रवेश लाल यादव भी चुनाव प्रचार करने आए थे.

दिनेश लाल यादव का कई अभिनेत्रियों आम्रपाल दूबे व कई अन्य अभिनेत्रियों संग नाम जुड़ चुका है. हालांकि आजमगढ़ से चुनाव जीतने के बाद उनके प्रशंसकों के बीच खुशी का माहौल है. आजमगढ़ में दिनेश लाल यादव के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए भोजपुरी सिनेमा जगह की कई हस्तियां पहुंची थी. इसी में रितेश पांडे भी आजमगढ़ चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे.

समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले यूपी के आजमगढ़ में 13 साल बाद एक बार फिर कमल खिला है. आजमगढ़ सीट पर हुई उपचुनाव में दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को शिकस्त दी है. भोजपुरी के सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने धर्मेंद्र यादव को 8,679 मतों से पराजित किया. यह सीट सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी. हालांकि ‘निरहुआ’ के शुरुआती दिन संघर्षों से भरे रहे हैं. यूपी के गाजीपुर से आजमगढ़ के सांसद तक का उनका सफर आसान नहीं रहा है. रिपोर्ट के मताबिर निरहुआ का बचपन बेहद गरीबी में बीता है. वह एक किसान परिवार से आते हैं. निरहुआ का जन्म 2 अक्टूबर 1979 को गाजीपुर में हुआ था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिनेश लाल यादव के पिता अपने दोनों बेटों के साथ कोलकाता चले गए, जहां वे तीनों मिलकर दिहाड़ी-मजदूरी करते थे. काम के साथ साथ दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और 2001 में गांव वापस आकर संगीत की ट्रेनिंग ली. साल 2001 में ‘निरहुआ’ के पिता की मौत हो गई और पूरी परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. साल 2003 में उनका एलबम आया ‘निरहुआ सटल रही’ और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

27 मार्च 2019 को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में निरहुआ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. 2019 के चुनाव में निरहुआ ने आजमगढ़ की हर गलियां छान मारी। लोगों को गाने सुनाए और आजमगढ़ के विकास के लिए खुद के समर्थन की अपील की।  बावजूद इसके निरहुआ दो लाख 59 हजार वोटों से चुनाव हार गए। अखिलेश यादव को इस चुनाव में 6 लाख 21 हजार वोट मिले थे जबकि निरहुआ को सिर्फ तीन लाख 61 हजार 704 वोट मिले। चुनाव हारने के बाद भी निरहुआ निराश नहीं हुए। आखिरकार 2022 में आजमगढ़ सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने अखिलेश के भाई धर्मेंद्र यादव को शिकस्त देकर 2019 की हार का बदला लिया.

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