रामपुर : सपा नेता आज़म खां इन दिनों जेल प्रशासन के साथ विवादों को लेकर सुर्खियों में हैं। मामला उस समय गंभीर हो गया जब जेल प्रशासन ने उन्हें कुर्सी उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया। कुर्सी न मिलने पर आज़म खां ने नाराज़गी जताई और अपने परिजनों से मुलाकात करने से भी मना कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट के आदेश की प्रति जेल प्रशासन से मांगी, जिसे बाद में उन्हें उपलब्ध कराया गया।
कुर्सी की मांग पर बढ़ा विवाद:
जानकारी के अनुसार, आज़म खां ने जेल प्रशासन से स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए बैठने के लिए कुर्सी की अनुमति मांगी थी। जेल प्रशासन ने इस मांग को जेल मैनुअल के विरुद्ध बताते हुए अस्वीकार कर दिया। इसी बात से आज़म खां नाराज़ हो गए और उन्होंने अपने बेटे व बहन से मुलाकात करने से इंकार कर दिया। जेल प्रशासन के इस निर्णय ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया।
कोर्ट आदेश की प्रति मांगी:
बृहस्पतिवार को आज़म खां ने जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर कोर्ट के आदेश की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। प्रशासन ने उनकी मांग का पालन करते हुए आदेश की प्रति दे दी। बताया गया कि बुधवार को अपने वकील से मुलाकात के दौरान उन्हें कोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
कंबल मांगने पर भी हुई नाराज़गी:
सोमवार की रात आज़म खां ने घर से कंबल बुलाने की मांग की थी। जेल प्रशासन ने इस पर भी नियमों का हवाला देते हुए इनकार कर दिया, जिससे वे और अधिक असंतुष्ट हो गए। प्रशासन का कहना है कि जेल में उपलब्ध वस्तुएं ही नियमों के अनुसार दी जा सकती हैं।
वकीलों से मुलाकात में हुई चर्चा:
जेल प्रशासन के मुताबिक, आज़म खां बुधवार को अपने वकीलों से मिले थे। उसी दौरान उन्हें बताया गया कि कोर्ट का आदेश आने के बाद उसकी प्रति प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से आदेश की प्रति की मांग की, जिसे जेल प्रशासन ने उपलब्ध करा दिया।
आगे की प्रक्रिया को लेकर सवाल:
पूरे प्रकरण ने जेल प्रशासन और आज़म खां के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है। कुर्सी और कंबल जैसे सामान्य मुद्दों पर भी विवाद गहराने से यह मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
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