आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) की जेल में शुरुआती दो रातें काफी तनावपूर्ण रहीं। दोनों पूरी रात करवटें बदलते रहे और नींद नहीं आ सकी। घर से भेजा गया खाना और कंबल तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। जेल प्रशासन ने साफ कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार बाहरी सामान अंदर नहीं लाया जा सकता। ऐसे में पिता-पुत्र को जेल में उपलब्ध संसाधनों पर ही निर्भर रहना पड़ा। इसी बीच उनके जेल स्थानांतरण से जुड़ी याचिका पर Rampur की MP/MLA Court में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला किसी भी समय जारी हो सकता है।
जेल बदलने और साथ रखने की मांग:
आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें एक ही बैरक में स्थानांतरण किया जाए और A Category की Jail में Shift किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र और सेहत को देखते हुए उन्हें बेहतर Jail Facility मिलनी चाहिए।
अलग बैरक और सीमित सुविधाओं का मुद्दा:
फिलहाल आजम खान Rampur Jail की बैरक नंबर-1 में बंद हैं, जबकि यह जेल B Category में आती है। अब्दुल्ला को पिता के साथ रखने की कोशिश अवश्य हुई, लेकिन दोनों को उपलब्ध सुविधाओं को लेकर जेल कर्मचारियों से कहासुनी भी हुई। कंबल, चादर और घर से लाया गया भोजन न मिलने पर पिता-पुत्र ने बेहतर श्रेणी की जेल में भेजे जाने की मांग तेज कर दी, लेकिन Jailer ने नियमों का हवाला देते हुए उनकी कोई बात नहीं मानी।
घर का खाना और कंबल वापस लौटाए गए:
घरवाले भोजन और कंबल लेकर पहुंचे, लेकिन Jail Administration ने इन्हें जेल के अंदर ले जाने से साफ इनकार कर दिया। Jail Superintendent Rajesh Yadav ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते बाहरी सामान अंदर नहीं ला सकते और Jail Manual के तहत ही सारी प्रक्रिया चलती है। कोर्ट के अगले आदेश तक दोनों को जेल में उपलब्ध संसाधनों से ही काम चलाना होगा।
सात-सात साल की सजा के बाद जेल भेजे गए:
पैन कार्ड मामले में सोमवार को सपा नेता आजम खान और उनके बेटे व पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। MP-MLA Special Court द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को सीधे जेल भेज दिया गया। इसी के बाद से दोनों की ओर से जेल सुविधा और बैरक परिवर्तन को लेकर प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
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