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वाराणसी। गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों को बम से उड़ाने की धमकी पर मंगलवार की दोपहर कचहरी परिसर में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। एमपी/एमएलए कोर्ट समेत सभी न्यायालय परिसर को पुलिस ने ढाई से तीन घंटे तक बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड संग खंगाला। दोपहर के समय एमपी/एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर मुकदमे में आरोपी घोसी सांसद अतुल राय की सुनवाई थी। हालांकि इस दौरान विस्फोटक समेत अन्य कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। एहतियातन कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सवाल ये है कि क्या ये धमकी अतुल राय के संबंध में दी गई?
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार लखनऊ डीजी आफिस और लखनऊ डायल-112 कंट्रोल को अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वाराणसी में गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों को न्यायालय रिहा कर दे रहा है। पिछले तीन दिनों में गैंगस्टर मामले में तीन आरोपियों को बरी किया गया। धमकी दी कि गैंगस्टर के आरोपियों का फैसला अब वह खुद करेगा। फोन करने वाले ने एमपी/एमएलए कोर्ट का भी जिक्र किया।
लखनऊ कंट्रोल से सूचना के आधार पर एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड संग कैंट पुलिस ने परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। लगभग सभी कोर्ट के अंदर और बाहर तक परिसर की गहन छानबीन की। हालांकि इस दौरान कुछ भी विस्फोटक, संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। लगभग दो से तीन घंटे तक पुलिस कचहरी परिसर की चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। पुलिस आयुक्त के अनुसार लखनऊ कंट्रोल पर फोन करने वाले नंबर को ट्रेस कराया जा रहा है, यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि कौन व्यक्ति है और इसके पीछे उसकी मंशा क्या है।
वहीं विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए सियाराम चौरसिया की अदालत ने लंका थाने में दर्ज गैंगेस्टर के मामले में बसपा सांसद अतुल राय की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय के मुताबिक जांच में पता चला था कि 6 जुलाई 2017 को अतुल राय और सुजीत सिंह बेलवा ने हथियारों से लैस होकर बेटावर रोहनियां निवासी सर्वेश त्रिपाठी को अपहरण करने की नीयत से जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। जनता के विरोध पर सर्वेश को फेंककर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। ये उसी का मुकदमा था।
लेकिन वहीं कुछ मामलों में अतुल राय बरी भी हो चुके हैं।

