जुर्म के ऊपर जुर्म, जुर्म के पीछे जुर्म, इसका जुर्म उसका जुर्म, ना जाने किसका जुर्म? इस कहानी को लिखने वाला भी कंफ्यूज है, इस कहानी को सुनने वाला भी कंफ्यूज है, उम्मीद करते हैं इस कहानी के किरदार कंफ्यूज ना हो।
क्योंकि यह कहानी अब एक ऐसे मोड़ पर आ गई है जहां यह समझना बिल्कुल मुश्किल हो गया है कि दोषी कौन है और सजा किसको मिलनी चाहिए? वाराणसी के यूपी कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा और घोसी के सांसद अतुल राय। आखिर इन दोनों के बीच में ऐसा क्या संबंध था की यह कहानी अब इस मोड़ पर पहुंच चुकी है?
The Burning Girl Part 3 यहां देखें:
जानकारी के अनुसार अतुल राय ने इस छात्रा को 2015 में यूपी कॉलेज में छात्रसंघ का चुनाव लड़ने में मदद की थी और 4 साल बाद उसी छात्रा ने अतुल राय के ऊपर बलात्कार का आरोप लगाया। 2019 का वक्त था लोकसभा चुनाव चल रहा था और अतुल राय ने इस चुनाव को बंपर वोटों से जीत लिया। उस दौरान वाराणसी के लंका थाने में छात्रा ने अतुल राय के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराया कुछ दिनों बाद अतुल राय ने सरेंडर किया और तब से अब तक वह जेल में बंद हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में उस छात्रा के साथ एक उसका साथी भी था। 2021 में अतुल राय के भाई ने छात्रा और उसके साथी पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज करवाया और उसके बाद कोर्ट ने इन दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया। इस पूरी कहानी को आप हमारे खास कार्यक्रम द बर्निंग गर्ल के पार्ट वन और पार्ट टू में देख सकते हैं।
16 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के सामने छात्रा और उसके साथी ने खुद को आग लगा ली और कुछ दिन बाद दोनों की मृत्यु हो गई। जैसा कि आपको पता है की छात्रा ने आत्मदाह करने से पहले एक फेसबुक लाइव किया था जिसमें छात्रा और और उसके साथी ने कई अधिकारियों समेत पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया था। इन अधिकारियों में एक नाम अमिताभ ठाकुर का भी था।
रिटायर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 27 अगस्त 2021 को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के दौरान जमकर हंगामा हुआ। अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर वाहन में बैठाने के लिए पुलिस वालों को मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान अमिताभ ठाकुर ने दारोगा को थप्पड़ भी मार दिया। किसी तरह उन्हें गाड़ी में बैठाकर थाने लाया गया। पूरे घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। अमिताभ को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में देर शाम अदालत में पेश किया गया था। प्रभारी सीजेएम सत्यवीर सिंह ने उन्हें नौ सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह करने वाली युवती ने अमिताभ ठाकुर पर भी कई आरोप लगाए थे। जांच के लिए बनी एसआईटी ने अमिताभ ठाकुर पर पीड़िता को आत्मदाह के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था, इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके घर पहुंची थी।
यूपी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई थी जिसने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. इस जांच टीम में भर्ती बोर्ड के डीजी आरके विश्वकर्मा और एडीजी मीरा रावत थीं. अतुल राय केस की पीड़िता और उसके साथी के आत्मदाह कर लेने के मामले में गठित इस जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है.
अब बसपा सांसद अतुल राय (BSP MP Atul Rai Rape Case) को बड़ा झटक लगा है. प्रयागराज (Prayagraj) की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने रेप के आरोपी अतुल राय की अर्जी खारिज कर दी है. अतुल राय की अग्रिम विवेचना कराए जाने की मांग वाली अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अतुल राय ने पिछले दिनों एमपी एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अपने ऊपर लगे रेप के आरोपों की अग्रिम विवेचना कराए जाने की मांग की थी. अर्जी खारिज होने के बाद अब अतुल राय की मुश्किलें और बढ़ गई है.
लेकिन इस पूरे कहानी में नया मोड़ तो अब आ गया। पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी अब एक परिवाद दर्ज कराया है. अमिताभ ठाकुर का ये परिवाद यूपी के 9 अफसरों के खिलाफ है, जिसमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी भी शामिल हैं. ठाकुर ने 9 अफसरों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया है. इसपर 6 सितम्बर को सुनवाई होगी. अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनको बदला लेने की नीयत से नौकरी से निकाला गया साथ ही फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया गया.
अमिताभ ठाकुर ने परिवाद में ACS होम अवनीश अवस्थी, डीजीपी मुकुल गोयल, पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, एसीपी गोमती नगर श्वेता श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर गोमती नगर, इंस्पेक्टर हजरतगंज, डीजी भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के साथ डीजी वुमेन पावर लाइन को पार्टी बनाया गया है. अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनको झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेजने की अपराधिक साजिश रची गई है.
अब देखने वाली बात ये होगी की जांच टीम की रिपोर्ट में आखिर क्या है?