रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आईं। लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने जिला मुख्यालय से विकास भवन तक जुलूस निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विभाग पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और मांगों के समर्थन में जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
जिला मुख्यालय से विकास भवन तक जुलूस:
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं संगठित होकर जिला मुख्यालय से विकास भवन तक जुलूस के रूप में पहुंचीं। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को मजबूती से उठाया। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया और प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।
मानदेय वृद्धि की प्रमुख मांग:
प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में न्यूनतम मानदेय वृद्धि शामिल है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 22 हजार रुपये और सहायिकाओं का 11 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
मोबाइल और रिचार्ज को लेकर नाराजगी:
कार्यकर्ताओं ने विभाग द्वारा दिए गए मोबाइल फोन की खराब स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कई मोबाइल फोन खराब हो चुके हैं, जिससे विभागीय कार्यों में दिक्कत आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने मोबाइल रिचार्ज का पैसा न मिलने की समस्या भी उठाई। कार्यकर्ताओं के अनुसार वर्ष 2019 के बाद से रिचार्ज का पैसा नहीं मिला है और उन्हें अपने कम मानदेय से रिचार्ज कराना पड़ता है।

स्वयं सहायता समूहों से संबद्धता समाप्त करने की मांग:
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वयं सहायता समूहों के साथ अपनी संबद्धता समाप्त करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के चलते उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मूल जिम्मेदारियों के अलावा अन्य कार्यों का बोझ बढ़ने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।
केंद्रों के किराये और सुविधाओं का मुद्दा:
प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के वर्षों से लंबित किराये का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि केंद्रों का बकाया किराया तत्काल भुगतान किया जाए। साथ ही उन्होंने बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
सेवानिवृत्ति लाभ को लेकर चिंता:
62 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त किए जाने को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि बिना ग्रेच्युटी और पेंशन के सेवा समाप्त होना उनके लिए गंभीर समस्या है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सेवा उपरांत ग्रेच्युटी और पेंशन की व्यवस्था की जाए, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों से शीघ्र समाधान की अपील:
आंगनबाड़ी संगठन ने अधिकारियों से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और शीघ्र समाधान निकालने की अपील की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगी। प्रदर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखा गया और ज्ञापन सौंपकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई गई।
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