संवाददाता वीरेन्द्र सिंह
अमेठी। जनपद के जायस थाने में इन दिनों पैसे वालो व सफेदपोसों का बोलबाला है , जायस थाने में गरीब वर्ग के लोगो के लिए कोई जगह नही है तभी तो पूरे जनपद में जायस थाना ही अपराधियो को संरक्षण देने में क्यों सुर्खिया बटोर रहा है , यह सोचनीय विषय है ।
जनपद के कोतवाली जायस अंतर्गत खरौली गाँव मे बीते 31 अगस्त को पीड़िता शिप्रा सिंह पत्नी मनीष सिंह को दबंगो ने लाठी डंडों से लैस होकर मारा पीटा था जिसमे शिप्रा को 8 महीने का गर्भ होने की वजह से दूसरे दिन जिलाअस्पताल रायबरेली में बच्चा पेट मे ही खत्म हो गया था जिसको लेकर पीड़िता शिप्रा सिंह को आज तक न्याय नही मिल सका व दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है । पीड़िता ने बताया कि उसके पति मनीष सिंह को दबंग वीरेंद्र सिंह , राकेश सिंह , विपुल सिंह , हरिभान सिंह , इंद्रभान सिंह सहित नौ लोग मिलकर मार रहे थे जिसमें वह बीच बचाव करने पहुची थी , लेकिन उपरोक्त दबंगो ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए 8 महीने की गर्भवती को भी नही छोड़ा व वीरेंद्र और विपुल सिंह ने पेट मे जोर से लात मार दी , जिससे दर्द बढ़ने की वजह से दूसरे दिन जिलाअस्पताल में बच्चे की मौत हो गई तथा जैसे तैसे महिला शिप्रा को बचाया गया । उधर इन सब मामलों में जायस पुलिस ले दे कर मामले में लीपापोती करने में जुटी है तथा आज तक पीड़िता को न्याय नही मिल सका है । पीड़िता ने बताया कि जब तक दोषियों के ऊपर कार्यवाही नही होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा , अगर न्याय न मिला तो कुछ अप्रिय घटना को अंजाम भी दे सकती हूं ।

